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धरती पर यहां गिरे थे सूर्य भगवान के 3 टुकड़ें, अब इस जगह है मंदिर, क्या आपने किया दर्शन?

Sun Temple: हमारे धार्मिक ग्रन्थों में कहा गया है कि भगवान सूरज के 3 टुकड़े हुए थे. ऐसा तब हुआ था जब सूर्यदेव और शंकर भगवान में युद्ध हुआ था. इस युद्ध के पीछे रावण के नाना सुमाली का नाम सामने आता है. ब्रह्मवैवर्त पुराण के मुताबिक रावण के नाना ने महादेव से अपनी सुरक्षा का वरदान मांगा था, जब उसे शक्ति मिल गई तो वह कठोर बनता गया और एक समय में तो वह सृष्टि के विनाश के लिए सूर्यदेव के पास पहुंचने लगा.

सुमाली को आकाश की ओर बढ़ने से बचाने के लिए भगवान सूर्य ने उसपर प्रहार किया. सूर्य की शक्ति के सामने सुमाली टिक नहीं पा रहा था. इसलिए उसने भगवान शिव को पुकारा. वरदान देने की वजह से उन्हें शंकर भगवान को आना पड़ा. इस दौरान शिव को सूर्यदेव से युद्ध करना पड़ा. युद्ध के दौरान शिव ने सूर्यदेव पर त्रिशूल से वार किया, जिससे उनके तीन टुकड़े हो गये. ये टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर गिरे और आज उसी जगह पर मंदिर बना हुआ है.

कहां बने हैं सूर्य देवता के लिए मंदिर
जहां सूर्य भगवान के टुकड़े गिरे, आज उसी तीनों जगह पर सूर्य देवता को समर्पित मंदिर बनाए गए हैं. जहां पहला टुकड़ा गिरा है वहां कोणार्क सूर्य मंदिर मनाया गया है. यह ओडिशा राज्य में है. दूसरा टुकड़ा बिहार में है, यहां देवार्क सूर्य मंदिर है और लोलार्क सूर्य मंदिर उत्तर प्रदेश में काशी के पास है.

रावण के नाना के चलते सूरज भगवान के हो गए थे 3 टुकड़े, क्यों शंकर जी ने मार दिया था त्रिशूल

धरती पर यहां गिरे थे सूर्य भगवान के 3 टुकड़ें, अब इस जगह है मंदिर, क्या आपने किया दर्शन?

शंकर भगवान को मिला श्राप
शंकर भगवान की त्रिशुल से सूर्य देवता को चोट लगी और वे बेहोश हो गए थे. इस दौरान उनके पिता कश्यप क्रोधित हुए और उन्होंने शिव को श्राप दे दिया. श्राप यह था कि शिव भी एक दिन अपने पुत्र पर त्रिशूल चलाएंगे. इसी श्राप के कारण शिव ने बालगणेश पर त्रिशूल से वार कर दिया था.

Tags: Dharma Aastha, Dharma Culture, Lifestyle

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Udan Live
Author: Udan Live

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