बोकारो का सेक्टर छह थाना इलाका डंपिंग यार्ड बनने लगा है ऐसी चर्चा तेजी से की जाने लगी है। आईये। कुछ आलतू फालतू डंप करना है कीजिए और निकल जाईये बिना रोकटोक के। पुलिस आपके द्वारा डंप की गयी चीज पर दिमाग लगायेगी और फिर सुलझाने उलझाने के प्रयास में सफल हुई तो ठीक वरना थक हार कर बैठ जायेगी। अभी जनवरी महीने में एक महिला की लाश इसी थाना इलाके में कब्रगाह के पास फेंकी हालत में मिली थी। यह पता नहीं चल पाया की उक्त महिला कौन थी, उसे क्यों बेरहमी से मौत की घाट उतार दिया गया और हत्यारे कौन हो सकते हैं। यह भी पता लगाने में पुलिस कामयाब नहीं हो सकी की उसकी हत्या इसी ठिकाने पर की गयी या फिर उसकी लाश को लाकर यहां डंप कर दिया गया। अभी पुलिस के लिए उक्त अज्ञात महिला का मामला अबूझ पहेली ही है। लाश अपनी पहचान को तरस गयी। पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी। दिमाग लगाकर पुलिस अनुंसधान करती रही, लेकिन पुलिस के पास कोई जादू की छडी या कोई ऐसा मेकेनिज्म नहीं है की वह उसे करिश्माई तरीके से घुमाकर पकड़ ले और कांड का खुलासा कर दे। इस इलाके में महिला की लाश को डंप करने के बाद फरार हो गये हत्याारोपियों की गिरफतारी चार माह से चुनौती के तौर पर सामने है, और पुलिस मामले के अनुसंधान में फंसीं हुई है। इसी दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तोवजों को डंप कर कोई अज्ञात शख्स फरार हो गया। अभी पता नहीं चला है की यह करतूत किसकी है और ऐसा करने के पीछे क्या मंशा है, लेकिन जो कागजात फेंके गये हैं,वे बेहद आपत्तिजनक हैं और उनको लेकर साईबर फ्रॉड से लेकर सरकारी दस्तावेजों की हेराफेरी व गडबडियों तक का अंदेशा स्वाभाविक तौर से किया जाने लगा है। सेक्टर छह थाना इलाके के टीवी टावर से लेकर झारखंड मोड़ तक के रास्ते में सूनसान इलाके में बड़ी संख्या में पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और वोटर कार्ड मिले हैं। उन्हें कोई फेंक गया था। इन दस्तावेजों का इस तरह फेंका जाना काफी आपत्तिजनक है और पुलिस भी इनके इस तरह डंप किए जाने को लेकर अभी शक व संभावनाओं में फंसी हुई हैं। पुलिस ने फेंके हुए दस्तावेजों को बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है। उसके दिमाग में भी इस घटना को लेकर कई सवाल उमड घुमड़ रहे हैं। कोई एक दो की संख्या में ऐसे दस्तावेज हो तो उसे सामान्य तौर से लिया जा सकता। लेकिन जिस तरह से सैकडों की संख्या में पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड मिले हैं, वे चिन्ता बढ़ा रहे हैं। फेंकनेवाले कौन होंगे। उनके पास इस बड़ी संख्या में ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज कैसे आए, आए तो उन्होंने उसे डंप क्यों कर दिया। डंप करने के लिए सेक्टर छह का इलाका ही क्यों चुना। ऐसा करने के पीछे उनकी मंशा क्या रही होगी। क्या सेक्टर छह के सूनसान इलाके से उन दस्तावेजों को डंप लगाने के पीछे कोई अर्थ है या फिर सूनसान जगह देखकर उसे वहां अचानक से डंप कर दिया गया। बहुत सारे सवाल के साथ साथ सवाल यह भी है की इसे गंभीरता से लेकर पता लगाया जाय की इन दस्तावेजों के सेक्टर सिक्स कनेक्शन के पीछे का सच क्या है । महत्वूर्पण दस्तावेजों का इस तरह मिलने की घटना को हलके में लेना ,बाद में कहीं भारी ना पड जाए। इस पर अब गौर फरमाने की जरूरत है।
