वन काटकर चांदी काटनेवाले लकड़ी तस्करों पर गिरी गाज, पांच गिरफतार
बोकारो। अवैध तरीके से जंगल से कीमती लकड़ियां काट कर लकड़ी की तस्करी कर जंगल में मंगल मनाने वाले लकड़ी माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और अवैध तरीके से काटी गई, चीरी गई लकड़ी के बड़े स्टाक को जप्त किया है। लगभग 6 ट्रैक्टर लकड़ी जप्त की गई है। इसके अलावा अवैध लड़कियों से बनाए जा रहे फर्नीचर और अन्य सामानों को भी जप्त किया गया है। यह बड़ी कार्रवाई जिले के गोमियां प्रखंड के तुलबुल और ढेढे में हुई, जहां बड़े पैमाने पर लकड़ी की तस्करी करने की और वनों को काटे जाने की शिकायत लगातार मिल रही थी। बोकारो के डीएफओ नीतीश कुमार के नेतृत्व में बोकारो और रामगढ़ वन प्रमंडल तथा रेंज के कर्मचारियों के सहयोग से लकड़ी तस्करों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई कर वन विभाग की ओर से लकड़ी तस्करों के लिए खतरे की घंटी बजा दी गई है। गोमियां के लंुगु बुरू पहाड़ और वन क्षेत्र में लकड़ियों की धडल्लेे से कटाई और इसकी तस्करी की जा रही थी । यह इलाका हाथियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल है। पेड़ों की कटाई की वजह से इस इलाके में रहनेवाले वन्य जीव व हाथी असहज होने लगे हैं और इस क्षेत्र से भटक कर धनी आबादी और जाने लगे हैं। इससे हाथी और मानव संघर्ष की घटनाएं जहां बढ़ी है, वही लगातार ऐसा खतरा बढ़ता ही जा रहा है। वनों के सिमटते जाने और वन्य जीवों के बनो से भटक कर शहरी इलाके की ओर आने के भविष्य के बढ़ते खतरे को और गंभीर होने से नकारा नहीं जा सकता। इसी गंभीरता को देखकर वन विभाग की ओर से यह बड़ी कार्रवाई की गई। अवैध आरा मशीन जब्त की गई, उपकरण जप्त किए गए और पांच लोगों की गिरफतारी के साथ बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी भी जप्त कर लिए गए। पकड़े गए लोगों के खिलाफ इंडियन फारेस्ट एक्ट और झारखंड शा मिल एक्ट यह कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस वर्ष वन विभाग की ओर से बोकारो जिले में यह बड़ी कार्रवाई है पांच अवैध आरा मशीनों के साथ-साथ भारी मात्रा में लकड़ी जब्त करते हुए लकड़ी के तस्कर पकड़े गए हैं और वनों के दुश्मन बने लोगों का एक बड़ा गिरोह उजागर हुआ है। वन विभाग को लगातार यह जानकारी मिल रही थी की, ऐतिहासिक लुगु गुरु पहाड़ के जंगलों से तस्करों द्वारा अवैध रूपं से पेडों़ की कटाई की जा रही है लकड़ी की तस्करी की जा रही है और लड़कियों से फर्नीचर का रूप दिया जा रहा है। लकड़ी तस्करों द्वारा यह कार्रवाई जहां जंगलों के लिए खतरनाक थी, वहीं वन्य जीवों के लिए भी खतरनाक हो गई थी। फिर एक्शन लेने में विलंब नहीं हुआ और लकड़ी तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है और लकड़ी तस्करों को वनों से छेड़छाड़ और वन जीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने का संदेश दिया गया है।

