डीजीपी ने उठाया खतरनाक क़दम,मौत को गले लगाया 

क्या त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की आत्महत्या के पीछे पति-पत्नी के बीच उपजा विवाद है या फिर कुछ और, अभी तक त्रिपुरा पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। पुलिस यह पता लगाने में विफल रही है कि उनके मुखिया की मौत के पीछे का क्या राज है। अनुराग धनखड़ डेढ़ घंटे तक अपने ऑफिस में कैद रहे, ना तो उन्होंने किसी का फोन रिसीव किया और ना ही ऑफिस के अंदर से घंटी बजा कर बाहर से किसी चपरासी या कर्मचारी को अपने दफ्तर के अंदर बुलाया। देर समय तक घंटी बजती रही और जब कोई रिप्लाई नहीं मिला तो लोगों को जरूर किसी न किसी अनहोनी का शक हुआ, फिर उनके दफ्तर का दरवाजा तोड़ा गया। वहां का दृश्य देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। वह अपने कार्यालय कक्ष में नहीं थे, वे मिले वॉशरूम में फांसी के फंदें से लटकते मृत अवस्था में। इसके बाद सवाल उठा की अनुराग धनखड़ को आखिर ऐसा क्या हुआ की उन्होंने ऐसा क़दम उठा लिया। अनुराग धनकर जो भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के अधिकारी थे उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लिया। आखिर अनुराग धनकर के दिल में ऐसा क्या कुछ चल रहा था की उन्होंने इस तरह से अपनी मौत का रास्ता चुना। वह कौन सा विषाद का कारण था, जो उन्हें यह कदम उठाने के लिए वाध्य कर गया और उन्होंने इस दुनिया कोअलविदा कह दिया। भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ बागपत के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। यह स्तब्ध कर देने वाली घटना किसी के गले नीचे नहीं उतर रही, वह मानसिक दबाव में थे तो वह दबाव की वजह क्या थी इसकी भी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। धनखड़ का एक बेटा कनाडा में रहता है। आमतौर से अनुराग धनखड़ व्यवहार कुशल और शांतचित्तअधिकारी समझे जाते थे। उन्हें कोई मानसिक परेशानी थी इसकी किसी को तनिक भी जानकारी नहीं थी। पिछले शनिवार को उन्होंने पासिंग और परेड में हिस्सा लिया था इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के मुख्यमंत्री थे और इस कार्यक्रम में भी सामान्य तरीके से पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे थे। किसी को भी इसका भान नहीं हुआ कि वह अंदर ही अंदर मानसिक अवसाद में हैं, पीड़ा में हैं, जो उन्हें कुछ अनहोनी करने को उकसा रहा है। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी धनखड़ की मौत के मामले को लेकर उनके मौत की जांच की न्यायिक जांच की मांग उठाई जा रही है, विपक्ष ऐसी मांग उठा रहा है। अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए धनखड़ को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया गोविंद बल्लभ पंत जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सवाल यह है कि आखिर वह कौन सी वजह थी, जो धनखड़ को इस स्थिति तक पहुंचा गई। त्रिपुरा की पुलिस अपने विभाग के प्रधान की मौत सुलझाने में लगी है और उस कारण को तलाशने में भी लगी है ,जो उन्हें इस हद तक पहुंचा गया।
