नेशनल मैनेजमेंट गेम्स में बीएसएल की 
बदौलत सेल को मिला राष्ट्रीय खिताब
बोकारो। 35वें नेशनल मैनेजमेंट गेम्स’ में बोकारो स्टील के अधिकारियों की टीम ने सोलह साल की लंबी अवधि के बाद राष्ट्रीय विजेता बनने का गौरव पाया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बोकारो स्टील प्लांट की बदौलत सेल को यह राष्ट्रीय खिताब हासिल हुआ है और सेल ने इतिहास रच दिया है। वैसे जुलाई महीना सेल के बोकारो इस्पात कारखाना के लिए खुशियों की खबर लाने वाला महीना साबित हुआ है। इस महीने के दौरान बोकारो स्टील को इठलाने और गर्व करने वाली कई खुशखबरियां मिली। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सेल, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, आईओसीएल, एनएचपीसी, एलएंडटी, ओएनजीसी सहित देश के प्रमुख सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के 150 से अधिक संस्थानों की टीमों के बीच पांच कठिन क्षेत्रीय प्रारंभिक दौर आयोजित किए गए थे। इसके पश्चात आयोजित ग्रैंड फिनाले में देश की सर्वश्रेष्ठ 19 टीमों ने प्रतिष्ठित चैंपियंस ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा की।
इस कड़े मुकाबले में बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से हॉट स्ट्रिप मिल के वरीय प्रबंधक राहुल रंजन पंडा तथा सीएमएम-सीटीएस के वरीय प्रबंधक ओवैस अहमद की टीम ने व्यावसायिक सिमुलेशन के दौरान उत्कृष्ट रणनीतिक सोच, व्यावसायिक निर्णय क्षमता और वित्तीय कौशल का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। प्रतियोगिता में एनटीपीसी की टीमें द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहीं।
यह जीत बोकारो इस्पात संयंत्र एवं सेल परिवार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है, क्योंकि वर्ष 2010 के बाद यह पहला अवसर है जब सेल ने इस प्रतिष्ठित नेशनल मैनेजमेंट गेम्स में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में भी नेशनल मैनेजमेंट गेम्स का खिताब जीतने वाली सेल की टीम बोकारो इस्पात संयंत्र की ही थी।
बोकारो स्टील प्लांट के शीर्ष प्रबंधन ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल अधिकारियों के व्यक्तिगत कौशल को दर्शाती है, बल्कि संयंत्र में नवाचार, व्यावसायिक दक्षता एवं परिचालन उत्कृष्टता के प्रति बीएसएल की निरंतर प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करती है।
