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आंखों में जो सपना लेकर सऊदी गया सत्येंद्र, वह नहीं हुआ पूरा,जान गवां बैठा

सऊदी अरब से आया सतेंद्र महतो का शव, मचा कोहराम, गांव हुआ गमगीन

बोकारो। नाम था उसका सतेन्द्र महतो। वह बोकारो जिले के चतरोचटटी थाना क्षेत्र के कतवारी गांव का रहनेवाला था। सपना देखा था विदेश जाने का। वहां जाकर कमाने का और फिर शान से जिन्दगी गुजारने का। लेकिन सब पर फिर गया पानी। वह 2024 के 26 नवंम्बर को घर से सउदी अरब की यात्रा पर निकला। वह वहां पहुंचकर हमद सालेह अल-काफ कॉन्ट्रैक्टिंग एस्टैब्लिशमेंट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करने लगा। सपना था दौलत कमाकर वापस लौटने और गरीबी को टाटा वाय वाय करने का। लेकिन ऐसा कर पाने के पहले उसी ने विदेशी धरती पर दुनियां को अलविदा कह दिया। एक महीने तक उसका शव सऊदी अरब में पड़ा रहा। फिर प्रवासी मजदूरों के हक की लड़ाई लड़नेवाले सिकन्दर अली ने पहल की तो उसकी लाश वापस वतन आयी और बुधवार को उसके पैतृक निवास चतरोचटटी के कतवारी पहुंची। सऊदी में ट्रक चलाने गये सतेन्द्र महतो की सड़क हादसे में 25 जून को मौत हो गयी थी और तब से उसकी लाश वहीे फंसी हुई थीं। आज शव के बोकारो पहुंचने पर चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के कतवारी में कोहराम ही मच गया। लोगों की भीड़ जुट आई और माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया। परिजन चित्कार मारकर रोने लगे । पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल था। मौके पर मोजूद अन्य लोगो को भी यह दृश्य गमजदा कर गया। लोग अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
पेट का सवाल और परिवार की परवरिश के साथ साथ शानदार जिंदगी जीने की लालसा झारखंड के लोगों को विदेश जाने व कमाने को उकसाती है और लोग इसी भ्रम में फंसकर विदेश चले जाते हैं। इस क्रम में कई बार वे हसीन सपना का शिकार होते हैं । कई बार मुसीबत को आमंत्रित कर देते हंे और बार जालसाजी का शिकार बनकर फंस जाते हैं। और फिर कभी कभी दुर्भाग्यजनक दौर आता है,जब अपनी जान भी गवां बैठते हैं। प्रवासी मजदूर सत्येंद्र महतो सऊदी अरब की एक कंपनी में सेवा दे रहा था। फिर सड़क हादसा हुआ और वह इस दुनिया को अलविदा कर गया। वह अपने पीछे पुत्री प्रीति कुमारी(21),पुत्र अरविंद कुमार और पुत्र मंगेश कुमार(13)को छोड़ गया। इधर प्रवासी मजदूरों के हित में लगातार आवाज उठानेवाले सिकन्दर अली भी उसके शव के पहुंचने पर मौके पर पहुंचे हैं। वे सवाल उठाते हैं कि यह पहली घटना नहीं है। इसके पूर्व भी विदेशों में कई लोग मरें और कई महीने बाद उनका शव वापस वतन आया।

Udan Live
Author: Udan Live

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