पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी,चोरी के आठ वाहन बरामद

करीने से सजा कर रखी गई इन गाड़ियों को देखकर आप इस भ्रम में ना पड़ जाए कि यह कोई दो पहिया वाहनों का शोरूम है। या फिर इन गाड़ियों की कोई नुमाइश लगी है। दरअसल हरला थाना परिसर में खड़ी करीने से ये गाड़ियां बोकारो पुलिस की उपलब्धियों को दिखा रही है और यह भी बता रही है कि इन गाड़ियों के चुराए जाने के बाद बोकारो पुलिस और इन गाड़ियों के मालिक कितने परेशान और बेहाल थे। दरअसल ताबड़तोड़ गाड़ियों की चोरी से बोकारो पुलिस हल्कान थी, आम लोगों के लिए वाहन चोर सिर दर्द बने हुए थे और कब किसकी गाड़ियां चोरी हो जाए इसको लेकर लोग चिंतित थे। इसी तरह एक गाड़ी चोरी हुई और फिर उसकी खोज में पुलिस लगी तो पुलिस को लग गई बड़ी कामयाबी और कई कांडों में चुराई गई आठ गाड़ियों को पुलिस ने बरामद कर लिया। गाड़ियों की ताबड़तोड़ चोरी को देखते हुए बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसका नेतृत्व डीएसपी सिटी राजीव रंजन कर रहे थे। इस टीम में हरला थाना के प्रभारी खुर्शीद आलम और सेक्टर 4 थाना के प्रभारी संजय कुमार भी शामिल थे, इसके अलावा कई और पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया गया था।इन्हें यह टास्क दिया गया था कि वह वाहनों की चोरी की घटना को अंकुश लगाए और इस कांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर चोरी गए वाहनों को बरामद करें। पुलिस ने अपना अभियान शुरू किया। सेक्टर 9 इलाके से एक मोटरसाइकिल की चोरी की घटना के बाद पुलिस ने तार से तार जोडे़, पुलिस तकनीकी अनुसंधान के आधार पर सेक्टर 6 में एक स्थान पर छापा मार कर एक किशोर जो नाबालिक है, विधि निरुद्ध है, उसकी निशानदेही पर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लग गई। पुलिस ने धनबाद जिले के कतरास छाताबाद में एक ठिकाने पर छापा मारा,अरमान कुमार यादव को गिरफ्तार किया और फिर इस ठिकाने से आठ चोरी के दो पहिया वाहनों को बरामद किया। इसी के साथ अंतर जिला स्तर पर सक्रिय वाहन चोरों के एक बड़े रैकेट के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना हाथ लगी है और पुलिस अब इस गैंग के और सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है। बोकारो के नगर पुलिस उपाधीक्षक का दावा है कि पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है और पुलिस इस इंडिकेट में शामिल अन्य अपराधियों को जल्दी गिरफ्तार करेगी।
वैसे कतरास के जिस इलाके इन गाड़ियों को बरामद किया गया है उसको लेकर चर्चा यह है कि चोरी के इन वाहनों को उन इलाकों में छुपाया जाता है जहां कोयले का इल्लीगल काम हो रहा है। इन दोपहियों से कोयले के अवैध खदानों से कोयला ढोया जाता है, उन्हें कोयले के अवैध डिपो तक पहुंचाया जाता है और फिर इन गाड़ियों द्वारा पहुंचाएं गए कोयले की तस्करी में शामिल बड़ा सिंडिकेट लाखों करोड़ों का खेल कर रहा होता है। इस लाखों करोड़ों के खेल में चोरी के ऐसे दोपहिया वाहनों का काफी महत्व होता है क्योंकि इन्हीं गाड़ियों से कोयला तस्करों के अवैध अड्डों तक अवैध कोयला पहुंचाएं जाते हैं। चर्चा तो यह है की चोरी के अधिकांश दो पहिया वाहनों को कोयले के अवैध धंधे में शामिल लोगों द्वारा खरीदा जाता है और फिर कोयले के अवैध कारोबार में उन वाहनों का उपयोग होता है। पुलिस जांच में जुटी है।
