उड़ान खेल डेस्क

पुणे। 41वीं यूथ नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ी अपने दम खम का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर न केवल अपनी पहचान बना रहे हैं बल्कि इतिहास रचकर झारखंड का नाम भी रौशन कर रहे हैं। इनकी मेहनत व खेल प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय क्षितिज पर झारखंड का बास्केटबॉल छा गया है और लगातार खिलाड़ी अपने दम खम से दूसरी टीमों पर भारी पड़ रहे हैं। इस बेहतर प्रदर्शन में बोकारो के खिलाड़ियों, मैनेजर और कोच की अपनी खास भूमिका रही है। प्रतियोगिता के दौरान राष्ट्रीय बास्केटबॉल में बालिका टीम को पहली बार पूल चैंपियन बनने का गौरव हासिल हुआ है। झारखंड की बालिका टीम ने तो इतिहास ही रच दिया है।
महाराष्ट्र के पुणे में 27 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलनेवाली 41वीं यूथ नेशनल बास्केटबॉल चैैंंपियनशिप में झारखंड की टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बोकारो जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन की ओर से बोकारो के खिलाड़ी साहिल और कृष्णा, टीम मैनेजर ईशा तथा कोच किंकर कृष्णा झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
इस प्रतियोगिता में झारखंड की बालिका टीम ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टीम ने लगातार तीन मुकाबलों में जीत दर्ज कर पहली बार अपने पूल में चैैंंपियन बनने का इतिहास रच डाला है। झारखंड ने ओडिशा को 64-34, असम को 73-13 और पश्चिम बंगाल को 58-44 से पराजित किया।
वहीं, बालक वर्ग में भी झारखंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने अंडमान एवं निकोबार को 91-15 से हराया और मणिपुर के खिलाफ भी एकतरफा जीत दर्ज की। दो मुकाबलों में जीत के साथ झारखंड की बालक टीम अपने पूल में दूसरे स्थान पर रही।
इस उपलब्धि पर बोकारो जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र नारायण सिंह ने बोकारो के खिलाड़ियों, टीम मैनेजर और कोच को बधाई देते हुए उनके परिश्रम और समर्पण की सराहना की। उन्होंने आगामी मुकाबलों के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और जीत का सिलसिला जारी रखने की कामना की। एसोसिएशन के सचिव कन्हैया प्रसाद ने भी बोकारो के सभी खिलाड़ियों, मैनेजर और कोच को बधाई दी। उन्होंने झारखंड की दोनों टीमों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।
बोकारो जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन के लिए यह गर्व का क्षण है कि जिले के खिलाड़ी, मैनेजर और कोच राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बोकारो से शुरू हुआ यह प्रयास आज झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय बास्केटबॉल मंच पर नई ऊंचाई दे रहा है।


