

पेट की आग बुझाने के लिए गयीं कोयला चुनने, हो गयीं जिन्दा दफन
AJAY ASHK
उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। पेट की आग पर मौत भारी पड गय़ी और इस तरह त्योहार के इस मौसम के उत्साह को मातम ने अपनी लपेट में ले लिया। इसी के साथ सीसीएल के कोयले और सुरक्षा तंत्र की लापरवाहियंा व असुरक्षित तरीके से कोयला खदानो के अंदर अनधिकृत तौर से कोयला उचुनने के लिए लोगों के प्रवेश की चर्चा एक बार फिर तेज हो गयी। इस हादसे से सीसीएल की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खुल गयी है। सीसीएल ने सार्वजनिक तौर से एक बोर्ड लगा रखा है खदान में अवैध खनन करना कानूनन जुर्म है। यही बोर्ड बतलाता है कि तब कैसे हो रहा था अवैध खनन। कैसे लोग खदान के अंदर हर रोज कोयला चुनने के लिए अवैध तरीके से अंदर प्रवेश कर रहे थे। सुरक्षा तंत्र ने लोगों को खतरनाक तरीके से अनधिकृत तौर से प्रवेश करने पर रोका क्यों नहीं।


सेन्ट्रल कोलफील्डस लिमिटेड की कथारा कोलियरी में पेट की आग बुझाने के लिए कोयला चुनने गयी तीन महिलाएं अचानक से कोयले के बड़े ढेर के भर भरा कर गिर पड़ने से मलबे में दबकर जिन्दा दफन हो गयीं। कुछ अन्य भी इस हादसे में फंसे थे जो बच बचा लिए गए। यह हादसा कथारा कोलियरी के पांच नंबर स्टॉक में कोयला के बड़े स्टॉक के अचानक धंसने से हुआ। बेरमों के अनुमंडल पुलिस अधिकारी रवीन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कोयले के स्टॉक के पास नीचे कोयला चुन रहीं महिलाएं जब अपने काम में लगीं थीं तभी अचानक से कोयले का बड़ा स्टॉक उपर से धंस गया और उसकी जद में आकर तीन महिलाएं जिन्दा दफन हो गयीं कई अन्य लोग भी मलबा में फंस कर तबाह हो गये। उन्हें किसी तरह बच बचा लिया गया।


सबसे हास्यास्पद यह कि इस खदान के पास सीसीएल प्रबंधन ने एक बोर्ड लगा रखा है कि अवैध कोयला उत्खनन करना कानूनी तौर से जुर्म है। लेकिन हकीकत यह है कि बोर्ड लगाकर प्रबंधन इधर निश्चिंत हो गया और बोर्ड पढ़ कर कोयला चुनने वाले अपने रिस्क पर अपना काम करते रहे थे। इस बोर्ड को मुंह चिढ़ाते यहां हर रोज काफी संख्या में महिलाएं और अन्य लोग जलावन के नाम पर कोयला चुनने के लिए अनधिकृत तौर से घुसते रहे हैं। और प्रबंधन का सुरक्षा तंत्र ऐसी बेखबर रहा कि उसे मानों इससे कोई मतलब ही नहीं। उसने बोर्ड टांगकर यह मान लिया कि गलत काम करनेवाले बोर्ड पढ़ कर ऐसा नहीं करेंगे। हर पल इस कारण हादसे की आशंका बनी रही और आज इ सका नतीजा काफी भयावह तौर से सामने आया। जब तीन महिलाएं ओवर वर्डेन के गिरने से कोयले के स्टॉक में जिंदा दफन होकर सीसीएल की सुरक्षा तंत्र की असलियत उजागर कर गयीं। इस हादसे के बाद कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। सीसीएल प्रबंधन के पास इसका जवाब नहीं है कि हादसे के लिए उसे क्यों ना जिम्मेवार माना जाए। इस हादसे को लेकर सीसीएल प्रबंधन को कोई भी जिम्मेवार अधिकारी कैमरे पर आने से परहेज कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। घटना के बाद तंत्र जगा है। पुलिस व अन्य तंत्र हरकत में आया है। तीन लोगों की मौत ने यह चुनौती दी है कि इसके लिए जिम्मेवार लोगोंको चिन्हित कर उनकी जिम्मेवारी तय की जाय।


