

राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा और सामाजिक सरोकार की प्रतिबद्धता भी
उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। काले हीरे की लूट, काले हीरे का अवैध भंडारण,कोयला तस्करों के खिलाफ पूरे महीने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीम लगी रही और इस मुहिम के दौरान सुरक्षा बल ने न केवल कोयला तस्करों और उनकी टीम की कमर तोड़ी बल्कि उनके कब्जे से 788 टन से अधिक मात्रा में काला हीरा बरामद कर सीसीएल को तबाह करने की कोयला तस्करों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। इस महीने पर चले अभियान के दौरान 115 वाहन जब्त किए गए, जिनका उपयोग काले हीरे के परिवहन में अवैध तरीके से किया जा रहा था। कोयला तस्करी में प्रयुक्त किए जा रहे और सी आई एस एफ की कार्रवाई में जब्त 115 वाहनों में 4 हाईवा ट्रेलर,69 मोटरसाइकिलें, 01 पिकअप वाहन एवं 41 साइकिलें शामिल हैं। यह काररवाई सीआईएसएफ बोकारो करगली यूनिट के समादेष्टा राजप्रताप सिंह के नेतृत्व पूरे अक्टूबर माह में की गयी और सुरक्षा बल को यह कामयाबी मिली। इ स दौरान सुरक्षा बल की ओर से कोयला तस्करों की रीढ़ तोड़ने का एक्शन हुआ तो ग्रामीणों का दिल जीतने व उनके विकास की ओर अपना दायित्व निभाते हुए ग्रामीणों का फुटबॉल मैच भी आयोजित किया गया और बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण कर उन्हें भविष्य के प्रति प्रोत्साहित भी किया गया।


सीआईएसएफ का तेवरदार एक्शन उसे केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एमएमडीआर एक्ट के तहत दी गयी शक्ति के बाद दिखी है और इसी के साथ सीआईएसएफ कह सख्ती भी कोयला तस्करों का संकट बढ़ाने लगी है। अवैध कोयला खनन एवं तस्करी के विरुद्ध व्यापक अभियान का मकसद राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कोयला खनन एवं परिवहन करनेवाले धंधेबाजों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाकर उनके लिए खतरे की घंटी बजाना है।
सी आई एस एफ की ओर से बताया गया है कि योजनाबद्ध तरीके से अपने अभियान को गति देते हुए पिछले महीने 221 छापेमारी की काररवाई की गयी और इसमें बड़ी कामयाबी दर्ज करते हुएं 788.105 टन अवैध कोयला बरामद किया गया, जिसकी कीमत सरकारी राजस्व के अनुसार अनुमानित मूल्य 22 लाख 25 हजार 306 रुपये आंकी गयी है। इस काररवाई के अतिरिक्त एक महत्वपूर्ण काररवाई यह रही की सुरक्षा बल ने सीधी तौर पर एमएमडीआर अधिनियम के तहत 07 मामलों को न्यायालय में सीधे दर्ज कराया है। सुरक्षा बल ने प्रभावी तौर पर अपना एक्शन का विस्तार करते हुए अब अपनी सख्ती का दायरा सड़कों से लेकर कोयला तस्करों के सुनियोजित तरीके से संचालित नेटवर्क तक फैलाया है और एक्शन तेज कर बता दिया है कि उसे हर हाल में जीरो कोल लीकेज का लक्ष्य हासिल करना है। सुरक्षा बलों की टीमों ने राजमार्गों पर कोयला लदे वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच भी श्ज्ञुय कर दी हे ताकि किसी भी प्रकार के कोयला के अवैध परिवहन के प्रयासों को विफल किया जा सके। इसके अलावा अवैध कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की ओर कदम बढ़ाते हुए सुरक्षा बल ने अपने पैर बढ़ा दिए हैं। अभियान का एकमात्र उद्देश्य है और उसे अपने अंदर समाहित करते हुए काररवाई की जा रही ह ैताकि भारत सरकार के जीरो कोल लीकेज लक्ष्य को हासिल कर कोयला तस्करों के खेल पर विराम लगाया जा सके और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा कर देश के विकास को नया आयाम दिया जा सके।


केन्द्रीय औक्षेगिक सुरक्षा बल ने सामुदायिक सहभागिता से ग्रामीणों के बीच विश्वास मजबूत करने की कवायद भी शुरू कर दी है ताकि इन पहलों के माध्यम से यह बताया जा सके कि उसकी भूमिका केवल सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संबंध स्थापित करना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा और सामाजिक सरोकार, दोनों के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहरायी गयी है।


