झारखंड के परिवहन सचिव ने बोकारो जिला परिवहन कार्यालय के कामकाज को बेहद ही लापरवाह, असंतोषप्रद व गैर जिम्मेदराना पाया है। जिला परिवहन पदाधिकारी का वेतन रोक दिया है। उन पर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया गया है।इसी तरह बोकारो के एमवीआई की कार्यशैली पर भी सवाल खडे़ किए हैं। सड़क दुर्घटना के लिए जवाबदेह एजेंसी को बेरपवाह बताया गया है। एजेंसी से जुड़े कई लोगों को अपने वास्तविक काम को छोडकर दूसरा काम करने का जिम्मेवार पाया है। आफिस के अंदर क्लर्क रामनांदन की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई है और जिला परिवहन कायालय की कार्यशैली को असंतोषपद्र बताकर बोकारो जिला परिवहन कार्यालय का सच सामने ला दिया है।
शायद शिकायत मिली होगी या अनुमान होगा की बोकारो जिला परिवहन कार्यालय में बड़ी गड़बड़ियां हो रही है। फिर उसे पकड़ने और कार्यशैली को दुरूस्त करने की लिहाज से साहब औचक जांच पर निकल पड़े। किसी को खबर नहीं दी की वे आ रहे हैं। यानि खबर देने पर वास्तविकता का पता कैसे चलता। सो चुपके से चल पड़े कार्यालय की गडबड़ियों को पकड़ने। लेकिन बोकारो पहुंचने पर साहब आफिस का पता लगाते लगाते परेशान हो गये। आफिस एक अदद अपने पहचान के बोर्ड को तरसता नजर आया। खैर किसी तरह साहब पहुंच गये आफिस और धड़ाधड़ दस्तावेजों को जांचने लगे, उनकी पड़ताल करने लगे और आफिस के कामकाज की समीक्षा करने लगे। डीटीओ औचक जांच के दौरान नहीं मिली। पता चला की अवकाश पर हैं। जिले के उपायुक्त भी साहब के आने की जानकारी मिलने पर जिला परिवहन कार्यालय में चले आए साहब से शिष्टाचार भेंट के लिए। साहब कागज पलटते रहे,उलटते रहे और फिर कई खामियां पकड़कर औचक जांच के अपने मकसद को सफल बनाते गये। साहब अपना काम निपटा कर वापस लौट गए। उनकी गाज डीटीओ मारूति मिंज पर गिरी, साहब ने कई गड़बड़ियां ंपकड़ी और फिर एक्शन मोड में आ गये। यह मामला जुड़ा हुआ है पिछले दिनों औचक जांच में बोकारो जिला परिवहन कार्यालय आए राज्य के परिवहन सचिव राजीव रंजन से । जिला परिवहन कार्यालय की औचक जांच पर रांची से निकल कर सीधे बोकारो पहुंचे झारखंड के परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बोकारो डीटीओ आफिस के कामकाज पर जो टिप्पणी की है, वह सोचनीय है। एक्शन मोड मंे दिखे सचिव ने जिला परिवहन पदाधिकारी मारूति मिंज का वेतन रोक दिया और एक सप्ताह में उनसे सवाल तलब किया है। पहले परिवहन सचिव ने अपनी जांच में जो आब्जर्वेशन किया, उसे समझ लेते हैं।
झारखंड के परिवहन सचिव ने बोकारो में अपने औचक जांच में यह पाया की डीटीओ अवकाश पर हैं, लेकिन उनके अवकाश से संबंधित कोई आवेदन कार्यालय में सुलभ नहीं था। औचक जांच के लिए निकले साहब को डीअीओ कार्यालय का पता मिल ही नहीे रहा था काफी ढूंढने से इस कार्यालय का पता मिल पाया क्योंकि बोर्ड लगा हुआ नहीं था कार्यालय देखने पर लगा भवन बेहद जर्जर स्थिति में है कार्यालय का शौचालय भी काफी दयनीय हालत में है। कार्यालय के निरीक्षण के क्रम में जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थापित लिपिक सहायक रामनंदन के कमरे में अनाधिकृत रूप से कई लोगं उपस्थित थे और वे परिवहन कार्यालय संबंधी कार्य अनाधिकृत रूप से करते पाए गए। इस बारे में जिले के उपायुक्त से बात की गई उपायुक्त ने भी रामनंदन से कारण पूच्छा किया लेकिन उनके पास कोई संतोषप्रद जवाब नहीं था। परिवहन सचिव ने लिपिक रामनंदन से कारण पृच्छा करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बोकारो जिलार्न्तगत चंदनकियारी में पिछले दिनों हुए सड़क दुर्घटना में मोत के बाद तीन बच्चों के संदर्भ में जिले के मोटर यान निरीक्षक से प्रतिवेदन की मांग की गई, परंतु किसी तरह का कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया। जिससे की सड़क दुर्घटना से प्रभावित बच्चों को सरकारी कंपनसेशन योजना के तहत मुआवजा राशि उपलब्ध करने का निर्देश दिया गया। इसके साथी जिले में हो रही अन्य सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित एक्सीडेंट रिपोर्ट की मांग मोटर यान निरीक्षक बोकारो से की गई परंतु उनके द्वारा कोई प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। यह देखा गया की हिट एंड रन के कुल 174 मामले लंबित हं,ै जिसमें 42 जीआईसी स्तर पर, 58 एसडीओ स्तर पर 74 आई ओ लेबल पर लंबित हैं, इस प्रकार जिले में 51.63 फीसदी हिट एंड रन के मुआवजा के मामले लंबित है। सचिव ने अपने पत्र के जरिएं जिला परिवहन कार्यालय बोकारो की कार्यशैली को अत्यंत असंतोषजनक पाया। उनकी मानें तो रैसमेरटा जो कि विभाग द्वारा प्राधिकृत डीएल आर सी प्रिंट करने से संबंधित एजेंसी है, लेकिन देखा गया कि जिला परिवहन कार्यालय का अन्य काम उसके लोग कर रहे हैं। जैसे फाईन, फीस एलआरसी आदि का कार्य किया जा रहा है।
निर्देश दिया गया कि जिला परिवहन पदाधिकारी दो दिनों मंे उनसे जवाब तलब करते हुए उनको कार्यमुक्त करें। व्यावसायिक वाहनों से कर वसूली की स्थिति में कारण पृच्छा करने पर पाया गया कि पुराने कर बकाएदारों से उसकी वसूली के लिए कोई डिमांड नोटिस निर्गत नहीं किया गया है साथ ही सर्टिफिकेट केश के तहत धारा 7 कुर्की जब्ती व वारंट गिरफ्तारी वारंट जारी करने की काररवाई नहीं की जा रही है।यहां तक की ई चालान में सन्निहित राशि की वसूली में भी जिला परिवहन कार्यालय काफी पीछे है जो जो टैक्स रिलाइजेशन में वितीय अनियमितताएं है। झारखंड मोटर वाहन कराधान संशोधन अधिनियम 2001 की धारा 21 के अंतर्गत दंडात्मक एवं प्रवर्तन संबंधी प्रावधान को भी सचिव ने समझाया है। ओर बताया हे की टैक्स या जुर्माना बकाया रहने पर उसकी वसूली भू राजस्व की बकाया राशि की तरह की जाएगी। बकाया कर या जुर्माना वाले वहां अथवा उसके किसी भाग को कुर्क, जप्त तथा नीलाम किया जा सकता है।
वार्षिक कर का भुगतान नहीं करने पर पंजीकरण पदाधिकारी या कर संग्रह अधिकारी वहां को जाप कर सकता है
वाहन को तब तक जब तक रखा जा सकता है, जब तक जुर्माना और कर वसूल नहीं किया जाए वार्षिक कर देने वाले प्रत्येक निजी एवं व्यवसायिक वाहन स्वामी को अपने बैंक खाते का विवरण देना होगा। कई मामलों में देखा गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी के द्वारा कर संग्रह में रूचि का अभाव है और यह गंभीर वित्तीय उदासीनता है। इसी तरह परिवहन वाहनों का फिटनेस काफी दूर रहने के कारण फिटनेस का कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में पाया गया कि जिले में फिटनेस हेतु एक भी एटीएस ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन खोलने से संबंधित आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है।
परिवहन सचिव ने इस कार्यालय की कार्यशैली पर उपायुक्त से भी बातचीत की और उपायुक्त ने भी नाराजगी जताई है। ऐसा पत्र में परिवहन सचिव ने लिखा है। परिवहन सचिव ने पाया कि मोटर यान निरीक्षक बोकारो का कार्यालय एवं जिला परिवहन कार्यालय बोकारो अलग-अलग जगह पर स्थित है, दोनों को नए भवन में शिफट करने का निर्देश दिया गया।
जिला परिवहन कार्यालय बोकारो अंतर्गत सड़क सुरक्षा कोषांग में एक आरसीएम डिस्टिक रोड सेफ्टी मैनेजर एवं रोड इंजीनियर एनालायसिट बोकारो का कार्य प्रणाली सड़क सुरक्षा के उन्मुख नहीं है, साथ ही उनके कार्य असंतोषजनक है। उनके द्वारा जिला अंतर्गत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों मे ंना तो भ्रमण किया जा रहा है ना हीं उनकी रोकथाम के निमित्त किसी प्रकार का प्रतिवेदन संबंधित पोर्टल पर अपलोड करते हुए जिले के उपायुक्त तथा लीड एजेंसी, सड़क सुरक्षा कार्यालय परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा हिट और रन के लंबित मामले के निष्पादन में भी कार्रवाई नहीं हो रही है जिले में दो ड्राइविंग स्कूल कार्यरत है,ं लेकिन इससे संबंधित प्रतिवेदन की मांग की गई तो उपलब्ध नहीं कराया गया। सचिव ने कई अन्य बिन्दुओं पर भी सवाल किए हैं और फिलहाल कार्य में लापरवाही को देखते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी बोकारो मारूति मिंज के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है। उनसे एक सप्ताह में स्पष्टीकरण की भी मांग की गयी है। परिवहन सचिव की इस काररवाई से जिला परिवहन कार्यालय में हडकंप की स्थिति है। माना यह जा रहा है की कई लोग परिवहन सचिव के रडार पर आ चुके हैं और उन पर कभी भी किसी गलती में पकडे़े जाने पर काररवाई तय है।

