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ओएनजीसी के गौरव गति से खिल उठे दिव्यांगों के मुरझाए चेहरे

ओएनजीसी के गौरव गति से खिल उठे दिव्यांगों के मुरझाए चेहरे
0 अजय अश्क
बोकारो। दिव्यांगता की वजह से थमी हुई जिन्दगी को आखिरकार रफ्तार मिल गई। मायूस चेहरे खिल उठे और उन्हें जिंदगी में गति के साथ-साथ आगे बढ़ने का रास्ता भी नसीब हो गया। उनके लिए चमत्कार का यह काम हुआ भारत सरकार की महारत्न कंपनी ओएनजीसी के गौरव गति कार्यक्रम से। बोकारो समाहरणालय में आयोजित एक साधारण कार्यक्रम में ओएनजीसी और जिला प्रशासन ने 10 लोगों के बीच बैटरी ऑपरेटेड ट्राई साइकिल का वितरण किया और उन्हें जो अपने दिव्यांगता की वजह से निःसक्त होकर मुख्य धारा से कटकर किनारे में पडे हुए थे, जिनके जीवन की गति को ब्रेक लगा हुआ था को, गति दे दी और यह गति ऐसे लोगों की राह को आसान करते हुए उन्हें आगे की राह पर बढ़ा ले गयी। ऐसे लोगों को रफ्तार देने के लिए ही तो ओएनजीसी ने गौरव गति आयोजित किया था। जिला प्रशासन के उपायुक्त अजय नाथ झा समेत अन्य बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ओएनजीसी का यह कार्यक्रम चला और लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरता गया।
जिले के उपायुक्त अजय नाथ झा मानते हैं कि समाज को भी मदद के लिए आगे आने की जरूरत है ताकि सबको लेकर आगे चला जाए और जरूरमंदों की मदद हो जाए। ओएनजीसी ऐसे कार्यक्रम के जरिए जो काम कर रही है वह सराहनीय है। उपायुक्त मानते हैं की ऐसे आयोजन से समाज को भी अपना दायित्व निभाने की प्रेरणा मिलती है।
ओएनजीसी इस बात से ज्यादा खुश थी कि जिस क्षेत्र से उसने अपने व्यावसायिक सरोकार रखे हैं उस क्षेत्र में वह अपने सामाजिक दायित्व को बख्ूाबी निभा रही है। क्षेत्र का विकास हो लोग खुशहाल हो और इसी के साथ व्यवसाय की गाड़ी भी आगे बढ़े। ओएनजीसी के कोल बेड मिथेन एसेट के परिसम्पति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि इस तरह के प्रयास की आज बेहद जरूरत है ताकि समाज के लोगों का उत्थान हो सके, उन्हें भी उनके होने पर सम्मान की अनुभूति हो सके। ओएनजीसी ने माना है कि समाज का विकास जरूरत भी है और कंपनियों के लिए सरकारी अनिवार्यता भी है। जहां भी कंपनियां काम करती हैं उस क्षेत्र का विकास और क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को आगे बढ़ाने की उनकी जिम्मेदारी भी होती है और ओएनजीसी इसका बखूबी निर्वहन कर रहा है।
एक लंबे अंतराल के बाद बैटरी ऑपरेटेड ट्राई साइकिल मिलने पर लाभान्वित लोगों का चेहरा देखने लायक था। अगर अंधे को लाठी का सहारा मिल जाए तो जैसे उसे दुनिया की सारी खुशी मिल जाने का अहसास होता है। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा लाभान्वित लोगों के चेहरे की मुस्कान को देखकर। ओएनजीसी सीबीएम परिसंपत्ति,बोकारो द्वारा सीएसआर के तहत 10 दिव्यांगो को उपायुक्त अजय नाथ झा एवं ओएनजीसी के परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा द्वारा बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ना एवं गौरव गति प्रदान करना है। इस अवसर पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने ओएनजीसी के इस नेक कार्य की सराहना की। परिसंपत्ति प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा ने सभी उपस्थित दिव्यांग लाभार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ओएनजीसी हमेशा दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डीडीसी शताब्दी मजूमदार, चास की एसडीओ प्रांजल ढांढा एवं ओएनजीसी सीबीएम परिसंपत्ति से प्रमुख मानव संसाधन दयानंद कालूंदिया ,उपमहाप्रबंधक सह प्रभारी सीएसआर डॉली कुमारी, मुख्य प्रबंधक अनोखेलाल,प्रभारी सीसी अजय कुमार दास, प्रबंधक मानव संसाधन अमरजीत प्रताप,वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी सह एफपीआर शशि शेखर एवं वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारी अमित रोशन होरो भी मौजूद थे।

Udan Live
Author: Udan Live

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