
0 अजय अश्क
बेरमो में कोयला तस्करों के साम्राज्य पर सीआईएसएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से धावा बोलकर न केवल काले हीरे के तस्करों पर अंकुश लगाने का काम किया है बल्कि उनके कब्जे से करीब 36 टन चुराया गया कोयला भी बरामद कर लिया है। जब्त कोयले को सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया है। इस घटनाक्रम ने यह बताया है की सीसीएल की सुरक्षा में तैनात केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुस्ती, लापरवाही और सुरक्षा के प्रति तत्परता के अभाव के कारण कोयला तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर कंपनी से काले हीरे को चुरा रहे हैं और मालामाल हो रहे हैं। यह गोरखधंधा बडे़ पैमाने पर न केवल चल रहा है, बल्कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल पर भी सवाल उठाते रहा है। सीसीएल की संपत्ति की सुरक्षा में सीआईएसएफ के अलावा कंपनी की अपनी सुरक्षा इकाई भी तैनात है। मगर इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बाद भी अगर काले हीरे को चुराकर कोयला माफिया अपना साम्राज्य चलाने मे ंकामयाब हैं तो यह समझने में देर नहीं होती है की कोयला माफिया ने ऐेसी गंठजोड़ बना रखी है, जो इस काम को रोकने की बजाय उसे अपना संरक्षण देता है और इसके एवज में खुद भी उपकृत होता है। लेकिन कभी कभी सीआईएसएफ अपने एक्शन से अपने होने का सबूत भी पेश करती है। और ऐसा ही हुआ जब काले हीरे की तस्करी के लिए बदनाम रहे अमलो रेलवे साईडिंग के नजदीक 05 नंबर पीपल धोरा बस्ती में कोयला चोरों द्वारा अवैध रूप से बड़ी मात्रा में कोयला इकटठा कर रखने की जानकारी मिली। तत्काल सीआईएसएफ ने इसकी सूचना क्षेत्र के महाप्रबंधक रंजय सिंहा के साथ साथ स्थानीय पुलिस को दी और फिर छापा मारा गया। इस काररवाई में 05 नंबर पीपल धोरा बस्ती एरिया में अवैद्य कोयला का करीब 36 टन का बड़ा स्टॉक जब्त किया गया। जब्त किए गए अवैध कच्चा कोयला सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया। सीआईएसएफ ने कहा कि कोयला चोरी पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए कोयला तस्करों के खिलाफ सतत आपरेशन चलाया जाता रहेगा। सुरक्षा बल की समादेष्टा की मानेें तो माईन्स एरिया के बाहर एवं जहाँ सीआईएसएफ की तैनाती नहीं है, यदि उक्त एरिया में कोयला चोरी का मामला संज्ञान में आता है तो तत्काल इसकी सूचना सीसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन व स्थानीय पुलिस को दी जायेगी एवं संयुक्त रूप से छापामारी अभियान चलाया जायेगा। सुरक्षा बल ने साफ कर दिया है की कोयलांचल बेरमो में पनप रही कोयला चोरी की यह संस्कृति पर लगाम कसा जायेगा। और कोयला तस्करों पर अंकुश लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। अभी हाल ही में यह क्षेत्र कोयले के काले कारोबार के क्रम में उत्पन्न विवाद को लेकर तब गरम हो गया था जब एक महिला की मौत हो गयी। कोयले के काले कारोबार और हत्या के मामले में यह इलाका कई दिनों तक राजनीतिक तौर से गरम रहा था और भाजपा ने सड़क पर उतर कर पूरे मामले में कई दिनांे तक राजनीति की थी। फिर इस मामले में कोयले के कथित काले कारोबार से जुड़े हुए संतोष साव को गिरफतार किया गया, तब मामला शांत हुआ। इस हत्याकांड में कई गिरफतार किए जा चुके हैं। महिला की हत्या का मामला भी कोयले के अवैध कारोबार से ही जुड़ा हुआ था। अब इस घटना के बाद थोड़ा सुस्ताने के बाद कोयला माफिया फिर से अपने लय में आ गये हैं। और सीआईएसएफ भी अपने एक्शन में दिखने लगी है।
