डाका कांड का अभियुक्त पहचान छुपा कर बचता रहा, 4 साल बाद पुलिस ने पकड़ा 
बोकारो। आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अगर कोई अपराधी यह सोचता है कि वह अपनी चालाकी से पुलिस की गिरफ्त और जेल की सलाखों से बचा रहेगा तो शायद यह उसकी भूल होगी क्योंकि कानून की नजर में भले ही वह छुप कर चल रहा हो, कानून उन्हें अपनी आंखों से तलाशता रहता है और जब मौका मिलता है दबोचने में देरी नहीं करता। ऐसा ही सुगन साव के मामले में हुआ। वह 4 साल से डकैती की एक वारदात में फरार चल रहा था अपनी पहचान छुपा कर पुलिस को चकमा दे रहा था और इस दौरान दूसरी अपराधी वारदातों में भी हिस्सा ले रहा था। नावाडीह थाना से जुड़े 2022 के इस मामले में पुलिस उसकी तलाशी रही थी और वह पुलिस को चकमा देता रहा था। लेकिन कहा जाता है कानून के लंबे हाथ होते हैं और पुलिस स्थान ले तो फिर अपराधियों के लिए बचना नामुमकिन हो जाता है। 2022 में नावाडीह थाना क्षेत्र के खरपीटो पावर सब स्टेशन में घुसकर ट्रांसफार्मर क्वायल लूट ले भागे थे। इस कांड के अन्य अपराधी गिरफ्तार कर लिए गए थे जबकि रजरप्पा थाना के कुरुम तेतरिया टोला का रहने वाला और इस कांड में शामिल सुगन साव पुलिस की पकड़ से 4 साल से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी और आखिरकार नावाडीह थाना प्रभारी अमित कुमार सोनी के नेतृत्व में बनी टीम जिसमें सब इंस्पेक्टर शमीम अंसारी, मिथिलेश कुमार और हवलदार भोला रावत शामिल थे, ने उसे 4 साल तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार कर लिया और यह गिरफ्तारी तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर की गई। वह कई घटनाओं में शामिल रहा है और इस घटना में 4 साल से फरार था। घटना में फरारी के दौरान ही वह कई कांडों में संलिप्त रहकर पुलिस के लिए परेशानी का कारण बना था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी आपराधिक कारस्तानी भी उजागर हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार सुगन साव को जेल भेज दिया।
