बोकारो स्टील के आवास में हादसा कर रहा इंतजार ?
0 अजय अश्क
बोकारो। बोकारो के नगर सेवा विभाग की लापरवाहियां व बोकारो कारखाना प्रबंधन की ओर से कंपनी के हजारों आवासों के रखरखाव और अनुरक्षण के मामले मंे हद दर्जें की अनदेखी के कारण खतरनाक बनकर कंपनी के हजारों क्वार्टर मौत को न्यौता देने लगे हैं। इन आवासों में रहना जोखिम भरा हो गया है, बार बार बोकारो मैनेजमेंट को इन क्वार्टरो में रहनेवाले लोगों द्वारा वास्तविक स्थिति बताकर क्वार्टरों की रिपेयरिंग का आग्रह करने के बाद भी नगर सेवा विभाग कारगर कदम उठाने की बजाय लापरवाह बना हुआ है। बोकारो स्टील प्लांट के नगर सेवा विभाग के अधिकारियों की हद दर्जें के लापरवाही का यह हाल है की अगर बिजली कड़कने लगे या हलकी बारिश होने लगे तो क्वार्टर का छज्जा टूट कर गिर रहा है तो कभी सीढी पूरी तरह भरभराकर गिर जा रही है। इस वास्तविक स्थिति को देखने के बाद भी प्रबंधन मौन साधे हुए हैं। अब तो अगर यह कहा जाए की अनुरक्षण के अभाव में कंपनी के कई क्वार्टर मौत को निमत्रण देने लगे हैं, तो शायद गलत नहीं होगा। इन आवासों मंे रहनेवाले लोग नगर सेवा विभाग को अपनी परेशानी बताकर आते हैं क्वार्टर की हालत समझा कर आते हैं, लेकिन कोई कदम उठाना मुनासिब नहीं समझा जाता। कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है, इसकी आशंका हमेशा बनी रहती है। पर कंपनी के बेपरवाह अधिकारियों को इसकी परवाह ही नहीं।
कंपनी के आवासों के निर्माण काम मे किस हद तक कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार हुआ था इसका बेहतर उदाहरण हैं सेक्टर बारह व सेक्टर ग्यारह आवासीय कालोनी के सैकडों आवास। महज कुछ साल में ही इन क्वार्टरों के निर्माण मंे की गयी अनियमितताएं सामने आ गयी और कई र्क्वाटरों के ब्लॉक को ही खतरनाक घोषित करना पड़ा। हजारों की संख्या में र्क्वाटरों को खतरनाक घोषित कर उन्हें तोड़ने की काररवाई बता रही है की मैनेजमेंट के भ्रष्ट लोगों ने ना तो क्वार्टरों के निर्माण के वक्त उसकी गुणवता पर ध्यान दिया और ना ही आवासों के रखरखाव की जिम्मेवारी ही संभाली, जिसकी वजह से अपनी उम्र के पहले ही वे गिर जाने के हद तक पहुंचकर खतरनाक बन गये और कभी भी बडे़ हादसे को निमंत्रण देने की हालत तक पहुंच गये। बहरहाल कंपनी के कई आवास जो या तो कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए हैं, या पूर्व कर्मचारियों को लीज पर दिए गए हैं, या फिर किसी सरकारी संस्था या अन्य एजेंसी को किराए पर आवंटित किए गए हैं, वे अब बेहद खतरनाक बन गये हैं और उनमें रहना जोखिम भरा बन गयां है। बोकारो प्रबंधन के लोग भी जान रहे हैं की क्वार्टरों का रखरखाव नहीं होने से उनकी स्थिति अच्छी नहीं है। पर जान बूझ कर भी वे इस मामले में मौन साधे हुए हैं। नतीजतन, लगातार क्वार्टर खतरनाक संकेत देकर यह बताने लगे हैं की उनमें रहना कभी भी हादसे का शिकार होने के लिए तैयार रहना ही है। बोकारो के सेक्टर वन में एक ऐसा ही हादसा सामने आया जब 1288 क्वार्टर नंबर की सीढ़ी एक बारगी भर भराकर गिर गयी। यह संयेाग ही था की इसमें कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। लेकिन जिस तरह से यह हादसा हुआ है उसने यहां रहनेवाले लोगों की चैन छीन ली है। उन्हें अंदर से हिला दिया है।
खंडहर बनने जैसा दिख रहा है यह ब्लॉक। दरअसल बोकारो स्टील प्लांट के करीब सौ क्वार्टरों का यह ब्लॉक है। इसमें करीब पांच सौ की आबादी है। अब यह आबादी हिल गयी है। कल देर रात में जो हादसा हुआ उसने यहां रहनेवाले लोगों की नींद उड़ा दी है। जरा देखिए कैसा मंजर था। एक बार और देखिए। यह मंजर उस खतरनाक संकेत का परिणाम है, जो कई दिनों से मिल रहा था। यहां रहनेवाले लोगांे ने मैनेजमेंट को बता दिया था की खतरनाक संकेत मिल रहा है, इसलिए क्वार्टरो के छज्जा व सीढ़ी जो खतरनाक बनने लगे हैं, उसकी रिपेयरिंग करा दें। लेकिन प्रबंधन को इससे क्या लेना देना। वह सोया रहा और फिर कल देर रसमय मं बिजली क्या कड़की यहां रहनेवाले लोगों पर लगा मानों बिजली ही गिर गयी। जरा देख सकते हैं आवास कितने खतरनाक हो गये हैं और इनकी इस हालत के बाद भी बोकारो कारखाना प्रबंधन कैसे मौन साधे हुए हैं। लोगों का गुस्सा साफ साफ दिखता है।
जिस तरह का हादसा सामने आया है उसने उपर के फलोर पर रहनेवाले लोगो का रास्ता तो छीना ही है, उनकी चैन भी छीन ली है। मैनेजमेंट पर आरोप भी लग रहा है और जिस हिसाब से बोकारो स्टील के क्वार्टर खतरनाक हो रहे हैं कभी भी बड़ा हादसा हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। पिछले दिनों एचएससीएल कालोनी में खतरनाक बन गये दो ब्लॉक के कई क्वार्टर एक साथ गिर गये ओर कोहराम मच गया। यह संयोग था की हादसे के वक्त लोगांे को इतना समय मिल गया की वे अपनी जान बचाकर भाग निकले। लेकिन कई लोग बेघर हो गये। उनकी जिन्दगी की कमाई इसमें दफन हो गयी। इस हादसे के बाद बोकारो जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को भी अपने क्वार्टरों के रखरखाव का निर्देश दिया था और भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो इस ओर ध्यान देने को कहा था। लेकिन कल हुए हादसे ने बता दिया की जिला प्रशासन जारी करती रहे अपनी एडवाईजरी उस पर अमल करना या फिर ना करना उसकी मर्जी पर है। बहरहाल बोकारो के नगर प्रशासन विभाग पर इस घटना ने सवाल उठा दिए है।

