
0 अजय अश्क
बोकारो। आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने, अपराधियों के बढते मनोबल को तोड़ने, शराब का सेवन कर वाहनों के चलाने से बढ़़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और लफुओं की अड्डाबाजी को ध्वस्त करने के लिए बोकारो पुलिस शहरी क्षेत्र में एक्शन मोड में दिखने लगी है। बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने ऐसे मामलों में जीरो टालरेंस की अपनी नीति समझा दी है और अपने अधीनस्थों को बता दिया है की उनकी उनसे क्या अपेक्षाएं हैं। क्राईम मीटिंग में भी उन्होंने थानेदारों को समझा दिया है की उन्हें कैसे जनता का दिल जीतना है और इसके लिए उन्हें जहां आम जन के साथ शालीन व्यवहार से पेश आना है , वहीं उन्हें अपराधियों से सख्ती से पेश आने का टिप्स भी दे दिए गए हैं। पुलिस अब दिखाने लगी है की उनके कप्तान ने जो आदेश दिया है, उसे हर हाल में अमल में लाना है ताकि अपराध थम सके, अपराधियों पर नजर रखी जा सके और गलत काम करनेवाले अपनी हरकतों से बाज आएं। खुद एसपी अपने आदेश के अनुपालन को परखने के लिए देर रात में अचानक से निकल पड रहे हैं। एंटी क्राईम चेकिंग शुरू कर दे रहे हैं। पुलिस की पेट्रोलिंग की जांच करने में लग पड रहे हैं। इसने पुलिस को और एलर्ट कर दिया है। जगह जगह पुलिस थानों के अधिकारी अपने अपने इलाके में अचानक से उतर पड रहे हैं और वाहन चलानेवालों की सांस की जांच कर उनके अंदर के अलकोहल को जांचने का काम करने लगे हैं। इसी तरह शराब अड्डा पर या शहर के किसी खास इलाके होनेवाली अड्डाबाजी पर भी पुलिस की नजर है और वह एक्शन लेने में कुछ खास ही फास्ट तरीके से दिखने लगी है। पुलिस की इस तत्परता से निश्चित तौर पर अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और अपराधियों में खौफ नजर आयेगा, लेकिन सवाल यह है की सड़क पर अपनी उपस्थिति दिखाकर एक्शन मोड में आयी पुलिस जिले में कोयला व बालू के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए अपनी सक्रियता क्यो नहीं दिखा रही। आमलोग सवाल जरूर उठाते हैं की सेक्टर छह इलाके से होते हुए ही बालू लादकर बडे बडे वाहन, हाईवा व टै्रक्टर रात भर भतुआ से बालू निकाल कर धडल्ले से चल रहे हैं। बालू की गाड़ियां बेखौफ चलती हैं। लोग आश्चर्य जाहिर करते हैं की बालू की गाड़ियां पुलिस अधिकारियों की आंखों में बालू झोंक कर चल रहीं हैं या फिर किसी अन्य तरह का टोटके कर,समझ में नहीं आता। ऐसे सवाल उठानेवाले लोग पुलिस के काम की सराहना भी कर रहे हैं और कह रहे हैं की आमलोग चैन से सो सकें इसके लिए पुलिस अपनी नींद कुर्बान कर सडक पर उतर आई है। लेकिन आर्थिक अपराध और खास कर कोयला, बालू और लोहे का अवैध कारोबार उसे अपनी आंखों से नहीं दिखने पर पुलिस का यह व्यवहार लोगांे की आंखों में खटक भी रहा है। बहरहाल पुलिसिंग दिख रही है। पुलिस एक्शन मोड में है और एसपी खुद सडक पर कब उतर आएं यहीं भय रात की डियूटी के लिए प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी से अपनी डियूटी बजाने के लिए मजबूर कर रहा है।
