दिग्गज आई टी कंपनियों की कमान झारखंड के युवाओं को
सराकेला के आशीष को इनफोसिस का और बोकारो के अनूप को पीडब्लयू सी का दायित्व





बोकारो। जल जंगल जमीन ही नहीं बल्कि आईटी के क्षेत्र में भी झारखंड की पहचान देश दुनिया में बनने लगी है। झारखंड के युवाओं ने अपनी कामयाबी का परचम लहराकर झारखंड को एक नयी पहचान दी है। झारखंड मेे पले बढें़ और आई टी के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत झारखंड के दो युवाओं को दी गयी नयी जवाबदेही पर झारखंड नाज कर रहा है और झारखंड को इनकी उपलब्धियों से मिल रही नयी पहचान झारखंड को उत्साह से भर रही है। अभी अभी देश की प्रसिद्ध आईटी सेक्टर की कंपनी इनफोसिस ने झारखंड के युवा आशीष कुमार दास को अपनी कपंनी का अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नामित किया है। उनका कार्यकाल अगले साल के 1 अप्रैल 2027 से शुरू होकर अगले पांच साल तक के लिए होगा। अभी कंपनी के सीईओ सलिल पारेख है जिनका कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो जायेगा। इस अवधि में आशीष सीईओ नामित के तौर पर कामकाज देखेंगे। कंपनी ने आशीष कुमार दास को यह दायित्व पिछले 30 से अधिक वर्षों से उनके कामकाज तथा कंपनी में विभिन्न नेतृत्व भूमिकाओं का सफलता से निर्वाह को को देखते हुए दिया है। आशीष कुमार दास की झारखंड की पृष्ठभूमि रही है। झारखंड के लिए यह एक गर्व का पल है, जब किसी बड़ी दिग्गज कंपनी का यह पद इस राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर के रहने वाले आशीष कुमार दास को मिला है।
कंपनी ने 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों के साथ इस आशीष कुमार दास का नाम अगले नेतृत्व के तौर पर किया।
कंपनी का नेतृत्व करने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता से भरे आशीष कुमार दास का मानना हे की आईटी तकनीक अब एक नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां एआई व्यापार करने के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल रहा है। इंफोसिस इस नए दौर में बहुत मजबूती के साथ कर आगे बढ रही है। उनकी मान्यता है की आनेवाले समय में ए आई पर जोर देना होगा। उन्होंने इस बात पर तसल्ली किया है कि कंपनी के पास स्मार्ट एआई रणनीतियां, बेहतर प्रतिभा और ग्राहकों के साथ गहरे संबंध मौजूद हैं, जिनके बल पर कंपनी चुनौतियों के साथ टिकी रहेगी।
झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर हाई स्कूल तथा टाटा कॉलेज, चाईबासा से उनकी पढ़ाई हुई अ ोर आज वे इस पद पर कामयाब हुए है जो गौरवमयी है। आशीष की सफलता यह सिद्ध करती है कि लगन, मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व के सर्वाेच्च पदों तक पहुंच सकता है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपनें एक्स हैंडल से आशीष कुमार डैश को उनकी कामयाबी पर बधाई दी है। इन्फोसिस के सीईओ डेज़िग्नेट चुने जाने पर श्री आशीष कुमार डैश को बधाईदी है। सीएम ने कहा है कि यह आपकी दूरदर्शी लीडरशिप, इनोवेशन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और भारत की सबसे सम्मानित ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक में आपके शानदार योगदान की सही पहचान है।
मुझे दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में आशीष जी के साथ हुई बातचीत अच्छी तरह याद है, जहाँ हमने झारखंड के माइनिंग सेक्टर में बदलाव लाने, डिजिटल गवर्नेंस को मज़बूत करने और हमारे युवाओं को भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल्स से लैस करने के लिए एआई और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर सार्थक चर्चा की थी।
मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी लीडरशिप में झारखंड और इनफोसिस के बीच पार्टनरशिप और मज़बूत होगी, जिससे इनोवेशन, स्किलिंग और टेक्नोलॉजी-आधारित, समावेशी विकास के नए मौके खुलेंगे।
इसके पूर्व इसी साल अमेरिका की बिग फोर कंपनी में शुमार पी डब्ल्यू सी ने झारखंड के ही युवा अनूप कुमार तिवारी को कंपनी को एक्स्क्यूटिव डायरेक्टर सह पार्टनर बनाया था। अनूप कुमार तिवारी का झारख्ंाड के बोकारो से नाता रहा है। प्रारंभिक शिक्षा बोकारो स्ट ील प्लांट की संचालित स्कूलों से हुई और यहां से निकला यह युवा अब आई टी सेकटर का एक जाना पहचाना नाम बन चुका है। कंपनी ने पहले प्रबंध निदेशक की जिम्मेवारी दी और अब बोकारो का यह युवा पी डब्ल्यू सी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी का एक्स्क्यूटिव डायरेक्टर और पार्टनर बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और देश दुनिया को बताया है की झारखंड की पहचान को केवल जल जंगल और जमीन तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता बल्कि अब दूसरे क्षेत्र से भी झारखंड की पहचान बन रही है।
