



आवास बचाओं संघर्ष समिति का आंदोलन खत्म, मिली सबको राहत
अजय अश्क
बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के आवासीय कालोनी के जर्जर क्वार्टर का सवाल और इसको लेकर उठे बवाल ने प्लांट की अधिशासी निदेशक मानव संसाधन सुश्री राजश्री बनर्जी को कई घंटों तक अपने ही आवास में बंधक बने रहने पर मजबूर किया। वे आज दिन भर अपने घर में ही घिरी रहीं। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुरूषों के साथ आई महिलाएं जीम रहीं। प्रदर्शन करती रहीं और जर्जर घोषित कर दिए गए क्वार्टरों को मरम्मत कर दुरूस्त करने व उन्हें वहो से जबरन हटाने की बजाय घरों का अनुरक्षण करने की मांग करती रहीं। आंदोलन गहराया रहा। कई बार आवास की बेरिकेटिंग को तोड़ने की कोशिश की गयी। हंगामा मचा रहा। पुलिस बल और सुरक्षा विभाग के लोग वहां डटे रहे। कभी नारेबाजी हो रही थी कभी धमकी दी जा रही थी। कभी गुस्सा दिखाया जा रहा था तो कभी सुरााकर्मियों के साथ धक्कामुकी औश्र झड़प् की दृश्य बन रहा था। दिनभर बाहर में हंगामा और अंदर में बोकारो प्लांट की ईडी बंधक। आज दिन भर जिन हाथों को इस्पात उत्पादन के लिए लगना था, वे हाथ आंदोलन की वजह से लोगों को समझाने बुझाने व हंगामा को शांत करने में लगे हुए थे। इधर प्रबंधन ने अपना प़क्ष रखा और बताया की बोकारो मैनेजमेंट को आमलोगों की जान-माल की फिक्र है। प्रबंधन ने जो फैसला लिया है वह विशेषज्ञों की राय के बाद लिया है और कई ब्लॉक को खतरनाक मानकर उसमें रहनेवाले वैध आवंटियों को दूसरे क्वार्टरों में शिफट करने की सलाह दी है। उन्हें जिस क्वार्टर में शिफट करने को कहा गया है, उन र्क्वाटरों को कायदे से अनुरक्षण कराया गया है और उसे आंवटित किया गया है। बोकारो प्लंाट के प्रमुख संचार मणिकान्त धन ने वस्तुस्थिति साफ की है। प्रबंधन ने सभी वैध आवासधारियों से अपील की है कि वे सेक्टर 12 के असुरक्षित घोषित आवासों को छोड़कर आवंटित आवासों में अपनी जान की रक्षा को देखते हुए शिफ्ट कर ले।
प्रबंधन नें कहा है कि लगभग दो वर्ष पहल एनआईटी पटना के विशेषज्ञों से बीएसएल टाउनशिप के कुछ आवासों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्वे कराया गया था जिसके उपरान्त सेक्टर 12 के 149 ब्लॉक्स के 1242 आवासों को विशेषज्ञों द्वारा असुरक्षित घोषित किया गया। ये ऐसे आवास हैं जिनका रूटीन मरम्मत करने मात्र से समस्या का निदान संभव नहीं है,इस हाल में इन्हें खाली कराने का निर्णय लिया गया।
चिन्हित आवासों में जितने भी अलग-अलग श्रेणी के वैध आवासधारी हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूसरे वैकल्पिक आवास आवंटित किए गए हैं और उन्हें कई बार वैकल्पिक आवासों में शिफ्ट होने की अपील की गई है. इसके पहले सार्वजनिक नोटिस के जरिए और व्यक्तिगत नोटिस के माध्यम से भी उन्हें सुरक्षा पहलुओं के आलोक में वैकल्पिक आवासों में शिफ्ट करने का आग्रह किया गया। पर इस प्रयास का अभी तक नतीजा जो अपेक्षित है, वह नहीें मिला है। मैनेजमेंट ने कहा है कि
जितने भी वैकल्पिक आवास आवंटित किए जा रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बीएसएल द्वारा मरम्मत कराया जा रहा है और आवश्यक रिपेयर के बाद ही उसे हैंडओवर किया जाएगा। इस क्रम में कई नव-आवंटित आवासों का मरम्मत समपन्न भी हो चुका है और हैंडओवर के लिए तैयार है। सभी प्रभावित आवासधारियों से एक बार फिर अपील की जाती है कि उचित फोरम में संवाद के माध्यम से सभी पहलुओं के निराकरण के प्रयासों में बीएसएल का सहयोग करें, साथ ही सुरक्षा को सर्पाेपरि मानते हुए वैकल्पिक आवासों में यथासंभव जल्द से जल्द शिफ्ट करें।
इधर आंदोलनकारियों ने आश्वासन के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। आंदोलनकारियों ने कहा है कि मैनेजमेंट ने एक सप्ताह का समय लिया है। कुछ ठोस कदम उठाने के लिए। अब समय का इंतजार है। क्या कुछ होता है। यह कहते हुए सुबह सबेरे से ही डटे आंदोलनकारी वापस लौट गये हैं। इस तरह दिन भर बवाल काटा जाता रहा। हंगामा होता रहा। और सबलोग दिन भर हलकान रहे।
