

अजय अश्क
बोकारो।नियोजन के मसले पर आंदोलन के साथ खड़ा हुए बखेड़ा ने विस्थापितों को गरम कर दिया है और टू टैंक गार्डेन में चल रहे बेमियादी भूख हड़ताल और धरना को लगातार मिल रहे राजनीतिक समर्थन ने अपना असर बनाना शुरू कर दिया है। बोकारो में औ़द्योगिक शांति व बोकारो के शांत वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावनाएं देखकर सबकी चिन्ता बढ़ी हुई है। अंादोलनकारी बार बार प्रबंधन की ओर से मिल रहे आश्वासन,बेनतीजा वार्ता और प्रशासन की पहल के बाद भी नतीजा नहीं निकल पाने से खफा होकर अब आर पार के आंदोलन की बात कहकर सड़क पर उतर आए हैं। उनका बेमियादी आंदोलन पिछले दो दिनों से जारी है और मामला अब आगे बढ़ने लगा है। यह आंदोलन का दौर जिस समय शुरू हुआ है,उस समय बोकारो 20 हजार करोड़़ से ज्यादा के निवेश से साथ अपने विस्तारीकरण,आधुनिकीकरण की ओर कदम बढ़ा चुका है। पिछले वर्ष हुए आंदोलन ने बोकारो कारखाना के परिचालन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला था और यहां आनेवाले बीस हजार करोड़़ के निवेश को लटका दिया था।


पिछले साल हंगामा मचा और बोकारो स्टील का बढ़ा था संकट
बड़ी मुश्किल से विस्तारीकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली और अब काम आगे बढ़ चला तो नियोजन का मसला व एक नया आंदोलन मुसीबत बढ़ाने लगा है। आंदोलन के गहराते देखकर बोकारो मैनेजमेंट ने ंऔद्योगिक शांति और बोकारो की प्रगति की दुहाई के साथ आमलोगो से अपील करते हुए भारत सरकार की इस कंपनी के योगदान, राष्ट्र्र निर्माण में इसके बढ़ते कदम, देश की अर्थव्यवस्था, सामरिक महत्व में इसकी भूमिका और इससे जुड़े हजारों लोगो की रोजी रोटी की चर्चा की है। अपील में विस्थापितों के कल्याण और स्थानीय युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बीएसएल के सार्थक प्रयास की भी चर्चा की गयी है। विस्थापितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी मैनेजमेंट ने दिखायी है। कहा गया है कि बीएसएल उपलब्ध सभी अप्रेन्टिसों के संवेदकों द्वारा संयंत्र के कार्य में प्राथमिकता में नियोजन करने को प्रतिबद्ध है। उपलब्ध 950 अप्रेन्टिसों की सूचि में 204 अप्रेन्टिसों को 03 अक्टूबर तक संयंत्र में कुशल कामगार के तौर पर संविदा नियोजन दिया जा चुका है औरं 50 से ज्यादा और युवा अप्रेंटिस सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात संविदा के आधार पर नियोजन पाने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा बीएसएल के विस्तारीकरण और अन्य सभी प्रोजेक्ट्स में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कुल मैनपावर का दस प्रतिशत विस्थापितों हेतु आरक्षित कर दिया गया है। अपील के जरिए संयंत्र के विस्तारीकरण से विस्थापितों के लिए भी अवसर के नये दरवाजा खुलेंगे यह भरोसा भी दिया गया है। कहा गया है कि संयंत्र के विस्तारीकरण के 20,000 करोड़ रुपये का निवेश रोजगार, आधारभूत संरचना और औद्योगिक प्रगति का द्वार खुलेगा। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि विस्थापित युवाओं के लिए भी रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर सृजित होंगे। यह भरोसा भी दिया गया है कि अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को भी संयंत्र में जल्द से जल्द समायोजित होने में सहायता मिलेगी।
मैनेजमेंट ने पिछले साल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की चर्चा करते हुए बताया है कि उस अवरोध और हिंसक विरोध से उत्पादन, वित्तीय प्रदर्शन और विस्तार योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं, जिससे विकास की रफ्तार थम गई थी। बड़ी कठिनाइयों और अथक प्रयासों के बाद ही निवेश और औद्योगिक विश्वास को पुनः स्थापित किया जा सका है। इसलिए ऐसे समय में, जब बोकारो में परिस्थितियाँ पुनः सामान्य हो रही हैं और विकास की रफ्तार फिर से पटरी पर लौट रही है, यहाँ के आद्योगिक-सामाजिक वातावरण में किसी भी समूह द्वारा फिर से अस्थिरता पैदा करना दुर्भाग्यपूर्ण होगा क्योंकि किसी भी प्रकार का आंदोलन यदि संयंत्र के संचालन को बाधित करता है, तो उसका प्रभाव केवल प्रबंधन या कंपनी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक बड़ा जन समुदाय भी उससे अछूता नहीं रहता।
संवाद के माध्यम से समाधान को अहम् बताया गया है और इसी के साथ बोकारो स्टील प्लांट के संवेदनशील होने और उसके परिचालन में बाधा से गंभीर हालात उत्पन्न होने की संभावनाएं भी बतायी गयी है। सलीके से यह समझाया गया है कि बोकारो इस्पात संयंत्र एक थर्माे-सेंसिटिव प्लांट है, जहाँ संवेदनशील गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे तीनों पालियों में कर्मी तत्पर रहते हैं। गेट जाम अथवा किसी अन्य कारण से परिचालन में व्यवधान उत्पन्न होने पर इन महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिससे संयंत्र ही नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-समुदाय की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। फिस इतना सबके बाद एक दर्शन भी। संयंत्र सुरक्षित, तो बोकारो सुरक्षित; संयंत्र प्रगतिशील, तो बोकारो समृद्ध। और अंत में एक बड़ी अपील भी, आइए, संवाद, सहयोग और आपसी सद्भाव से बोकारो की सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करें।

