
उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। बोकारो स्टील प्लंाट से जुड़ी अपनी समस्या और मांगों को लेकर बीएकेएस यूनियन ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रबंधन के रवैये के खिलाफ एतराज जताए जाने के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने पर अपना एतराज जताया है और बोकारो ने उपायुक्त से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बीएकेएस यूनियन के महामंत्री हरिओम के नेतृत्व में उपयुक्त से मिलने गये प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारिणी सदस्य शत्रुंजय कुमार, चुन्नी कुमारी और पंकज मिश्रा आदि भी शामिल थे। डीसी बोकारो से मिल कर बीएसएल कर्मचारियों ने अपना पक्ष रखा और बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर अपने आंदोलन के लिए चास के अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति नही देने पर रोष भी जताया। युनियन की ओर से हरिओम ने बताया है कि कानून के दायरे में लोकतांत्रिक विरोध करने हेतु अनुमति नही दिए जाने के बाद हमारी यूनियन ने जिला प्रशासन के मुखिया उपायुक्त से मिलकर उनके समक्ष अपना पक्ष रखा ताकि आगे यूनियन को कठोर कारवाई हेतु निर्णय लेने में कोई रुकावट नहीं आए ।
बीएकेएस के महासचिव हरिओम के नेतृत्व में बीएकेएस का प्रतिनिधि मंडल बोकारो के उपायुक्त से मिल कर बीएसएल कर्मचारियों के दशको से लंबित मुद्दे और बीएसएल प्रबंधन के कर्मचारी विरोधी रैवैये से अवगत कराया । संघ ने चास अनुमंडलाधिकारी द्वारा दो दो बार बगैर किसी ठोस आधार के आमरण अनशन कार्यक्रम की अनुमति नही देने पर रोष दर्ज भी दर्ज कराया । यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने सेल/बीएसएल कर्मचारियों के वर्षाे से लंबित मुद्दो को उपायुक्त के समक्ष रखा और सेल प्रबंधन पर उनकी मांगों की अनदेखी और शोषण करने का आरोप जड़ा गया। बोकारो के उपायुक्त ने सभी जरुरी कदम उठाने का भरोसा दिया। उन्होने बीएसएल प्रबंधन को बीएकेएस के साथ नियमित बैठक कर कर्मचारियों के लंबित मुद्दो को निपटारा करने हेतु निर्देश देने की भी बात कही और यह भी आश्वस्त किया कि शीघ्र ही बीएसएल प्रबंधन बीएकेएस के साथ बैठक करेगी। प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देते हुए उपायुक्त ने यूनियन से आग्रह किया कि त्योहार तक वो जिला प्रशासन का सहयोग करेंे। यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने बोकारो उपायुक्त को आश्वासन दिया कि बीएकेएस कोई भी वैसा कार्य नही करेगी जिससे जिला प्रशासन को कठिनाई का सामना करना पड़े। यह भी बताया गया कि बीएकेएस का आजतक सभी आंदोलन /प्रदर्शन /जुलूस कानून के दायरे में ही किया गया है तथा आगे भी कानून का सम्मान करते हुए किया जायेगा ।

