

उड़ान लाईव ब्यूरो
बोकारो। वैश्विक बाजार की अस्थिरता के बावजूद स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सेल ने परिचालन कुशलता और लागत अनुकूलन के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी नेे द्वितीय तिमाही में कर 1,774 करोड़ का कर पश्चात लाभ अर्जित किया है। इसी तरह बिक्री से राजस्व के तौर पर 31,998 करोड़ अर्जित किया है। बिक्री की मात्रा में भी बृद्धि दर्ज करते हुए 5.16 मिलियन टन का आंकड़ा पार किया है। कंपनी ने चालू वितीय वर्ष की प्रथम छमाही में कर पश्चात लाभ 3,410 करोड़ का आंकड़ा छूआ है। इसी तरह कच्चा इस्पात उत्पादन 9.61 मिलियन टन कर अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। यह जानकारी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए दी है। कंपनी ने अपना कुल कर्ज घटाकर रूपये 20,583 करोड़ कर दिया है, जिससे उसकी बैलेंस शीट और मजबूत हुई है।सेल के प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष डा ए के पांडा ने सेल के इस प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की है। उनकी मानें तो वैश्विक बाजार की अस्थिरता के बावजूद,सेल ने परिचालन कुशलता और लागत अनुकूलन से मजबूत विकास हासिल किया है। भारत के मजबूत बुनियादी ढांचे और बढ़ती घरेलू मांग का लाभ उठाते हुए यह परिणाम वित्तीय अनुशासन और लाभप्रदता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उनकी मानें तो सेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के दौरान हर क्षेत्र में अपनी बुलंदी दिखायी है। कई क्षेत्रो में मसलन प्रोडक्शन सेल्स और परफोरमेंस में नये रिकॉर्ड बनाए हैं। सेल ने अपने इतिहास का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सितंबर माह साबित करते हुए विक्रेय इस्पात का रिकार्ड बनाया है। कंपनी ने प्रचालन उत्कृष्टता, हाई-एंड इस्पात उत्पादन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष तौर से फोकस किया जिसका अनुकूल असर छमाही के प्रदर्शन पर दिखा है। इस दौरान हॉट मेटल, क्रूड स्टील और फिनिश्ड स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन कर कंपनी ने अपनी दक्षता साबिक करते हुए खुद को सि़द्ध किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में सेल ने हॉट मेटल का 10.2 मिलियन टन, क्रूड स्टील का 9.6 मिलियन टन और फिनिश्ड स्टील का 8.39 मिलियन टन उत्पादन कर कंपनी ने उत्पादन का एक नया इंतिहास रचा है।


हाई-एंड इस्पात उत्पादन में तीस फीसदी की बृद्धि दर्ज की गयी है।
चालू वितीय वर्ष के संपन्न प्रथम छमाही परिणाम के मुताबिक भारतीय रेलवे को लॉन्ग रेल्स की आपूर्ति में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7 फीसदी और व्हील्स एंड एक्सेल की आपूर्ति में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। इस समयावधि में सेल ने करीब 0.145 मिलियन टन इन्वेंट्री और कंपनी के कर्ज में लगभग 1,080 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गयी है।

