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साहित्य लोक की रचना गोष्टी में नाटक कालचक्र का विमोचन

साहित्य लोक की रचना गोष्टी में नाटक कालचक्र का विमोचन
बोकारो। साहित्यिक संस्था “साहित्य लोक” की मासिक रचना गोष्ठी मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के चेयरमेन राजेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बोकारो के प्रसिद्ध नाटककार एवं साहित्य लोक के संयोजक अमन कुमार झा के संचालन में आयोजित साहित्य लोक की रचना गोष्ठी में अमन कुमार झा लिखित नाटक कालचक्र का विमोचन किया गया। साहित्य लोक के संस्थापक एवं महाकाव्य ऊँ महाभारत के रचयिता बुद्धिनाथ झा की गौरवमय उपस्थिति ने गोष्ठी में चार चांद लगा दिया। इस काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने गीत, भक्ति, प्रेम,योग दिवस,परंपरा, मानवीय संवेदना आदि आधारित कविता एवं आलेख से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
रचना गोष्ठी की शुरुआत चर्चित कवियत्री शैलजा झा की भगवती वंदना से हुई। उसके बाद उनकी मैथिली कविता अमरत्व अपूर्ण जिजिविषा,हमर अपन सीता ,गोष्ठी का संचालन करते हुए अमन कुमार झा की रचना सुनकर सभी श्रोता भाव विभोर हो गये। विजय शंकर मल्लिक सुधापति की जूनि पीबू गाजा आ भांग, सावन का मंजर, देखो तिरंगा लहरा रहा है, सुनाकर खुब वाह वाही लूटी।धनंजय कुमार लाल दास की माय-बाप, गुदगुदी , मनोज कुमार उपाध्याय की कर्ण कुंती संवाद, बुद्धिनाथ झा ने आसक्ति, जंगलराज में टूटा बिलाङ सुनाकर सबकी वाह वाही ली। गंगेश कुमार पाठक की मैथिली कविता बरक (बरगदक) सीख,अरुण कुमार पाठक ने करु योग, रहू निरोग गाकर प्रशंसा पायी। सभी रचनाओं पर समीक्षात्मक विश्लेषण में मुख्य रुप से बरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ नाथ झा, विजय शंकर मल्लिक सुधा पति,शैलजा झा,अमन कुमार झा, शंभू झा,ओमप्रकाश तिवारी थे। अध्यक्षीय वक्तव्य में राजेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘साहित्य लोक’, बोकारो के साहित्य जगत को जीवंत बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है।गोष्ठी

Udan Live
Author: Udan Live

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