सरकारी खजाना भरने के लिए तोड़ा जा रहा कानू
सरकारी खजाना भरने के लिए तोड़ा जा रहा कानून
झारखंड सरकार के खजाने पर खर्च के बढ़ते बोझ को देखते हुए बोकारो के लोगों ने खजाने को भरने के लिए अपनी भूमिका शुरू कर दी है और प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा रुपए सरकारी खजाने में डाल रहे हैं ताकि झारखंड सरकार के खजाने को कुछ राहत मिल सके। बोकारो की ओर से सरकारी खजाने को भरने की यह कवायद आपको अटपटा लग सकती है, लेकिन यह सच है और सच यह भी है कि खजाना भरने के लिए बोकारो के लोगों ने कानून को खूब तोड़ा है। ताकि सरकारी एजेंसी उनको जुर्माना लगा सके और वे झारखंड के एक नागरिक होने के नाते किसी न किसी रूप में सरकार के काम आ सकें। आपको यह भी अटपटा लग रहा होगा। तो हम आपको यह बता दें की सरकारी खजाने में प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा रुपए की राशि का योगदान देने वाले बोकारो के लोगों ने यह कदम यातायात नियमों का उल्लंघन कर उठाया है। 1 जून से 21 जून के भीतर यातायात नियमों के उल्लंघन कर बोकारो के लोगों ने सरकारी खजाने में 43 लाख 47 हजार 500 से ज्यादा की राशि बतौर जुर्माना अदा किया है। सरकारी खजाने में इस राशि को भेजने के लिए 2852 लोगों ने कानून तोड़ा, यातायात नियमों के अनदेखी की और अपने बेपरवाह होने का सबूत दिया। इस तरह वे ट्रैफिक पुलिस की पकड़ में कानून तोड़ते हुए आ गए। यातायात पुलिस की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार 1 जून से 21 जून के दौरान 43 लाख 47हजार 500 की वसूली हुई है जुर्माने के तौर पर। इनमें बिना हेलमेट के 1034 मामले पकड़े गए, दो पहिया वाहन में पीछे बैठे हुए व्यक्ति द्वारा हेलमेट नहीं धारण करने के 860 मामले, दो पहिया पर तीन सवारी बैठाकर मोटर व्हीकल एक्ट उल्लंघन करने के 758 मामले तथा बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के 728 मामले पकड़े गए। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने के 27 मामले तथा 324 मामले बिना बीमा के गाड़ी चलाने के पाए गए। इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग के आठ मामले, काला शीशा के सात मामले, बिना सीट बेल्ट के 30 मामले , रॉन्ग पार्किंग के 221 मामले और नशे की हालत में गाड़ी चलाने के 15 मामले पकड़ में आए। इस तरह कुल 2852 मामले यातायात पुलिस ने पकड़े और इनसे जुर्माना वसूलकर सरकारी खजाने में 21 दिनों के भीतर 43 लाख 47हजार 500 से ज्यादा की राशि भेजी। लोग जुर्माना देने की भारी भरकम राशि को देखकर यह कहने लगे हैं की बोकारो के लोग सरकार के प्रति अपनी भूमिका निभा रहे हैं और सरकारी खजाने में अपने स्तर से योगदान दे रहे हैं। हां ,इसके लिए इन्होंने बेपरवाही की हद दिखाई है और कानून तोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। बहरहाल यातायात पुलिस ने कहा है की सुरक्षित सड़क यात्रा बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और फिर इसके बाद भी जब लोग कानून का पालन करने की बजाय उसकी अनदेखी कर रहे हैं, तो बाध्य होकर उनकेखिलाफ जुर्माना वसूलने की कार्यवाही की जा रही है।
