नशे के अंदर प्रांतीय रैकेट पर आरपीएफ का प्रहार, बोकारो में लाखों का गांजा बरामद
बोकारो।रेलवे सुरक्षा बल ने रेल को जरिया बनाकर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल नशे के कारोबारियों के अंतर प्रांतीय रैकेट पर प्रहार करते हुए लाखों रुपए मूल्य का गांजा जब्त किया है और एक बार फिर इस तथ्य को उजागर किया है कि गांजा और नशे की कारोबार में शामिल गिरोह विभिन्न मार्गो से झारखंड के अलग-अलग शहरों में नशे का कारोबार कर रहा है और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की सप्लाई का काम कर युवा पीढ़ी को नशे से बर्बाद करने मे लगा हुआ है। हाल के दिनों में कई बार रेलवे मार्ग से मादक पदार्थ और शराब की तस्करी का अंतर प्रांतीय स्तर पर किए जा रहे कारोबार का भंडाफोड़ हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी यह धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा और नशे के जरिए मौत का कारोबार करने वाला सिंडिकेट लगातार ट्रेन के जरिए विभिन्न प्रांतों से नशीले पदार्थों को लाकर झारखंड में खपा रहा है। अंतर प्रांतीय स्तर पर फैले इस सिंडिकेट ने झारखंड को डंपिंग सेंटर बना रखा है, जहां विभिन्न प्रांतों से लाकर नशीले पदार्थों को डंप किया जा रहा है और फिर दूसरे क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही है। आज एक बार फिर 14 किलो से ज्यादा मात्रा में गांजा की खेप जो दूसरे स्टेट से एललेपी एक्सप्रेस से लाई जा रही थी, पकड़ी गई। इस ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर शक होने पर एलेप्पी एक्सप्रेस से लाई जा रही इस खेप को बोकारो में जप्त कर लिया गया, जिसकी कीमत 7लाख18 हजार से ज्यादा रुपए की बताई गई है ।जानकारी मिली है कि आरपीएफ के एएसआई डी के द्विवेदी, हेड कांस्टेबल मंटू कुमार धनजी सिंह व एके सिंह और सीआईबी आद्रा के अधिकारी और कर्मचारी आरपीएफ बोकारो के ओसी के नेतृत्व में विशेष अभियान चला रहे थे। इसी क्रम में 13352 एललेपी एक्सप्रेस के जी एस कोच में दो संदिग्ध बैग दिखे। इसके बारे में यात्रियों ने कोई दावेदारी नहीं की तो जांच करने वाली टीम को शक हुआ और फिर दोनों बैंग को उतार कर इसकी सूचना आरपीएफ के पोस्ट कमांडर संतोष कुमार तथा आरपीएफ के ए एस सी दीपक सोनाताकी दो गयी और फिर जब दोनों बैग की जांच शुरू की गई तो यह समझते देर नहीं लगी कि इसमें मादक पदार्थ के रूप में गांजा भरा हुआ है और 14 किलो से ज्यादा वजन का यह गांजा जिसकी कीमत 7 लाख 18 हजार से ज्यादा है, को कहीं ले जाया जा रहा था। आरपीएफ ने तत्काल इसे जप्त कर लिया और पूरे मामले को बोकारो जीआरपी थाना को सौंप दिया है। आरपीएफ के प्रयास से और तत्परता से अंतर प्रांतीय स्तर पर फैले नशे के कारोबारी की रीढ़ पर प्रहार हुआ है और उनके आर्थिक साम्राज्य पर आरपीएफ ने हमला कर यह बताया है कि नशे के कारोबार करने वालों के लिए रेल मार्ग नशे के कारोबार और तस्करी के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।
