आमलोगों को किया सजग,कानून का उल्लंधन करनेवालों पर एक्शन, वसूला जुर्माना
उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। गलती नगर निगम की, लापरवाहियां एनएचएआई की, सडक हादसों मंे बेकसूर लोगो की मौत, हमेशा सड़क हादसों की संभावनाए, ऐसे खतरों से यातायात पुलिस हलकान और पुलिस की जांच अभियान में पकडे़ जाते ट्रक मालिक व ड्राईवर और फिर भारी भरकम जुर्माने की वसूली। यह सच है बोकारो जिले के चास का। चास मंें इस सच को खुद बयां किया है यातायात पुलिस के अधिकारी ने। चास में नेशनल हाईवे सड़क के बीच कहीं भी खड़ी गाडियों के खिलाफ आज अभियान चलाया गया और फिर यह सच पुलिस के अधिकारी की जुबान से सामने आ गया और इसी के साथ यह कहावत सच होकर सामने आ गयी कि खेत खाए गदहा और मार खाए जोल्हा। दरअसल जमशेदपुर में हृदय विदारक हादसे में मंत्री पुत्री समेत चार की हुई दर्दनाक मौत के बाद पुलिस का ध्यान आया कि सडक के बीच या आसपास खड़ी गाडियां नेशनल हाईवे की सुगम यातायात व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, और सड़क हादसों को भी न्यौता देती हैं। सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावनाएं बनानेवाली ऐसी परिस्थिति को रोकने के लिए यातायात पुलिस उपाधीक्षक अजय प्रसाद के नेतृत्व में चास में एन एच 32 पर आई टी आई मोड़ से लेकर तलगडियां मोड़ तक विशेष अभियान चलाया गया।

इस दौरान 58 वाहनों को अवैध तरीके से सड़क पर या किनारे में खड़ा पाा गया और उनसे बतौर जुर्माना 37 हजार 700 वसूला गया। हिदायत दी गयी और सड़क पर दोबारा खड़ी नहीं करने की नसीहत देकर जांच टीम लौअ आयी। इस अभियान में यातायात थाना की थाना प्रभारी सुषमा कुमारी के साथ चास थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक दिंनेश कुमार सिंह के अलावा नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। इस अभियान के दौरान जुर्माना तो वूसला गया, लेकिन जब वाहन चालको व मालिकों ने अपनी समस्या बतायी तो सबके सामने बड़ा सवाल था। सवाल यह कि गाड़ी वाले जांए तो जांए कहां। वे सामान लेकर आते हैं। उन्हें उतारते हैं लेकिन उनकी गाड़ी खड़ी करने की कोई नियत जगह सुलभ नहीं करायी गयी है। ना तो एनएचआई ने कोई पड़ाव या पार्किेग सुलभ करायी है और ना ही नगर निगम की ओर से ऐसी व्यवस्था बनायी गयी है। इस हाल में सडक के किनारे गाड़ी खड़ी करना उनकी मजबूरी है,जो कानून की भाषा में यातायात नियमों का उल्लंघन का अपराध बन जाता है। लेकिन सवाल यह एक बार फिर कि गाड़ीवाले जांए तो जाएं कहां। न वाहन खड़ी करने की कोई जगह, ना ही कोई पार्किंग के लिए कोई ट्रांसपोर्ट नगर। और सडक पर गाड़ी खड़ी की तो पल पल हादसों का खतरा व पुलिस की जांच में जुर्माना का डर। बहरहाल पुलिस ने इस औचक जांच से एक बार फिर तंत्र को जगा दिया। लोगो ंको सचेत किया और साथ में सरकारी खजाने को भी भर दिया। अपने संग माईक से प्रचार कर लोगों को सड़क हादसे से सचेत किया। नियम विरूद्ध गाड़ियों को अवैध रूप से सड़क पर इधर उधर खड़ा करने से मना किया। इस तरह यातायात पुलिस यह बता गयी कि उसने जमशेदपुर की घटना से सबक लिया है और बोकारो में वे सजग है सतर्क है।
