Edition

[gtranslate]
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

एपीके फाईल से रहें सतर्क,बोकारो पुलिस चलायेगी जागरूकता


सुरक्षित रहने के लिए सतर्क रहने की जरूरत पर बल

बोकारो। एपीके फाईल साईबर अपराधियों का ऐसा हथियार है जो आमलोंगों को सहजता से जाल में फांस लेता है और साईबर अपराधी इसके माध्यम से शिकार को फांसकर साईबर फ्रॉड को सफलता से अंजाम दे रहे हैं। इस तरह के साईबर अपराध ने जहां पुलिस को चिन्तित किया है, वहीं आमलोगो को हर पल साईबर ठगी के डर से परेशान करने लगा है। लेकिन कहा गया है कि अगर सतकर्त्ता बरती जाए और जागरूक रहा जाए तो साईबर अपराधियों को उनके प्रयास में नाकाम कर अपनी सुरक्षा की जा सकती है। साईबर अपराधी की आपराधिक शैली का सबसे धारदार हथियार आज एपीके फाईल बन रहा है जिससे भेजकर साईबर फ्रॉड अपने मकसद में कामयाब हो जा रहे हैं। अब पुलिस आमलोगों को इससे आगाह करने के लिए बड़े पैमाने पर होर्डिंग लगाने जा रही है ताकि लोग आगाह रह सके। यह मामला गंभीर मंथन का बना रहा पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पवन कुमार की अपराध संगोष्ठी में। बोकारो के पुलिस उपाधीक्षक (मु)की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में बालीडीह थाना, माराफारी थाना,साईबर थाना एवं बालीडीह ओपी प्रभारियों के अलावा सभी अनुसंधानकर्ता शामिल हुए।

इस अपराध संगोष्ठी में सबसे अधिक चर्चा आज के जमाने के सबसे बड़े और लगातार बढ़ रहे साईबर अपराध पर हुई। इस मीटिंग में साईबर अपराध की चुनौतियों को तकनीकी व जागरुकता के जरिए नियंत्रित करने और साइबर अपराध को हर संभव तरीके से यथा समय एक्शन लेकर रोकथाम का निर्देश दिया गया। संगोष्ठी के दौरान कांडों की समीक्षा करते हुए यह पाया गया है कि साईबर के 60 फीसदी से ज्यादा मामले एपीके फाइल से संबंधित हैं। इस हाल में इस अपराध पर प्रभावकारी नियंत्रण के लिए आमलोगों को जागरूक करने का अभियान चलाने का फैसला किया गया और इस जागरूकता अभियान के लिए जगह जगह जागरुकता संबंधित पोस्टर व बैनर लगाने की जरूरत बतायी गयी। बोकारो के पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पवन कुमार ने आमलोंगों को सुझाया है कि वे जागरूक रहें और कहीं अगर वे जालसाज के चक्कर में पड़ गये हो तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि पुलिस तत्काल एक्शन लेकर जरूरी कदम उठा सके।
डीएसपी मुख्यालय की मासिक अपराध संगोष्ठी में अपराधिक कांडों की समीक्षा के दौरान 60 या 90 दिन की समय सीमा में मामलों के निष्पादन की रणनीति बनाई गयी। इसके आलावा अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, असामाजिक तत्त्वों पर लगातार कार्रवाई, पीड़ितों से अच्छे व्यवहार, लंबित कांडो का शीघ्र निष्पादन, शराब, नशा व जुआ पर पूर्णतः रोक, सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्रवाई, न्यायालय के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन इत्यादि निर्देश दिया गया।

Udan Live
Author: Udan Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Buzz4 Ai