

बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस नंबर 1 के एसजीपी (स्लैग ग्रेनुलेशन प्लांट) के कन्वेयर बेल्ट में आग ने प्लांट के अंदर अफरा तफरी मचा दी। आग की लपटें और आसमान मे ंउठते धुआं ने सबको सकते में डाल दिया। यह आग स्लैग ले जाने वाली कन्वेयर बेल्ट के-21 और के-22 में लगी, जिससे आर सी 8 बेल्ट और कन्वेयर पूरी तरह जल गए। हादसे से आग धधक उठी और धुएं ने आसमान को अपनी लपेट में ंले लिया था। आग का नजारा ऐसा था कि कन्वेयर बेल्ट पर आग दौड़ लगा रही हो। आग लगने की वजह अभी तक आधिकारिक तौर से साफ नहीं की गयी है। लेकिन जो जानकार बतलाते हैं,उससे पता चला है कि स्लैग ग्रेनुलेशन प्रक्रिया के दौरान कास्टिंग खुलने से पहले कायदे से पानी खोल दिया जाता है। लेकिन आज ऐसा नहीं हो सका। कास्ंिटग ख्ुालने के पहले पानी नहीं खोला गया था। इस वजह से गर्म स्लैग का सीधा संपर्क बेल्ट से हो गया और आग धधक कर भीषण तरीके से भड़क गई। संतोष की बात यह है कि अग्निशमन दस्ते ने आग पर तत्काल नियंत्रण पा लिया और आग से बड़े नुकसान को टाल दिया। हालंाकि तब तक कन्वेयर का बड़ा नुकसान हो चुका था। लोग बताते हैं कि इस हादसे में कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। आग ने आर सी 8 बेल्ट, कन्वेयर बेल्ट 21 (के-21) और कन्वेयर बेल्ट 22 (के-22) पूरी तरह से जला कर नष्ट कर दिया है। अब इनकी जगह पर नया कन्वेयर बेल्ट लगाने के बाद ही व्यवस्था फिर से दुरूस्त हो पायेगी। प्लांट प्रबंधन के अनुसार, इस पूरे क्षतिग्रस्त कन्वेयर बेल्ट को रिपलेस किया जायेगा। राहत की बात यह है कि आग को ज्यादा मौका नहीं मिल पाया तांडव मचाने के लिए और उसे नियंत्रित कर लिया गया। इस घटना में किसी भी जानमाल को नुकसान नहीं हुआ, यह बड़ी राहत भरी बात है। जांच और मरम्मत के बाद ही यह तय हो पायेगा कि इस हादसे की वास्तविक वजह क्या है।


स्लैग हैंडलिंग सिस्टम की सुरक्षा खामियों की भी चर्चा होने लगी है। जानकारी के मुताबिक कन्वेयर बेल्ट मुख्य रूप से ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले गर्म कचरे (स्लैग) को हटाने का काम करती है। इस बेल्ट के जलने से स्लैग हटाने की प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन प्लांट में स्टील उत्पादन का काम बिना किसी तरह से प्रभावित हुए सामान्य तौर से जारी है। बोकारो स्टील प्लांट की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि स्लैग ले जाने वाले कन्वेयर बेल्ट संख्या के 21 और के 22 में सुबह लगभग साढ़े नौ बजे के आसपास सम्भवतः गर्म स्लैग के कारण आग पकड़ लिया था, जिसको फायर विंग द्वारा आधे घंटे में बुझा दिया गया। इससे प्लांट की मुख्य इकाइयों के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी, प्रोडक्शन जारी है। आधिकारिक तौर से यह भी बताया गया है कि स्लैग बोकारो कारखाना का मुख्य प्रोडक्ट नहीं बल्कि बाई प्रोडक्ट है। बताया गया है कि धमनभट्ठी से निकले स्लैग को ग्रेनुयलेट कर डालमिया सीमेंट और अन्य सीमेंट उत्पादकों को भेजा जाता है। इस काम के लिए प्रयुक्त किए जानेवाले कन्वेयर बेल्ट में .आग लगी थी,जो ब्लास्ट फर्नेंस के बाहर है, इसलिए फर्नेस पूरी तरह सुरक्षित है और इसके संचालन में कोई रूकावट नहीं आयी है। यह भी मैनेजमेंट ने बताया है कि इस हादसे में उत्पादन का नुकसान नहीं हुआ है। जले हुए बेल्ट को सिर्फ बदलने का काम करना होगा। हांलाकि प्रबंधन की ओर से प्रथमदृष्टया हादसे का कोई कारण साफ नहीं किया गया है। ना ही नुकसान की कोई चर्चा की गयी है और ना ही घटना की जांच के लिए किसी कमेटी के गठन की कोई जानकारी दी गयी है। फिलहाल यह हादसा जिस तौर से दिखा, उसकी तुलना में नुकसान को नगण्य बताकर प्रबंधन ने संतोष जाहिर किया है।


