


उड़ान लाईव ब्यूरो
बोकारो। चंदनकियारी के सियालजोरी स्थित वेदांता समूह की स्टील कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड में हुए गैस रिसाव की घटना के बाद इस मामले को गंभीरता से लेकर श्रम विभाग झारखंड सरकार ने उिटपी चीफ इंसपेक्ट र ऑफ फैक्टरीज शिवानंद लागुरी से जांच शुरू करा दी है। बोकारो के डिप्टी चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्टरीज शिवानंद लागुरी ने अपने स्तर से मोक का जायजा लेकर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। उनकी मानें तो जिस जगह से गैस रिसने की घटना हुई थी उसकी जांच कर उस जगह को सुररक्षित कर दिया गया है। फिलहाल कंपनी के उत्पादन के लिए इस इलाके को बाईपास कर दिया गया है। अभी जांच के क्रम में यह पता नहीं चल पाया है कि हादसा कैसे हुआ, मानवीय लापरवाही थी या यांत्रिक गड़बडी। उनके अनुसार गैस जहरीली थी और इस एलडी गैस में कार्बन मानोआक्सईड जो जहरीली होती है पायी जाती है। इ सी की वजह से इसकी चपेट मंे आने से दो लोगांे की मौत हुई है। उनकी मानें तो घटना की लगातार जांच और लोगों के बयान से ही घटना की वजह साफ हो पायेगी। उड़ान लाईव एक्स्क्लूसिव बात करते हुए उन्होंने इस घटना की बाबत बताया कि गैस जहरीली थी। उनकी मानें तो घअना के बाद प्लांट को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने की बड़ी जरूरत थी। गैस को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। इस स्थल को घेर सुरक्षित कर दिया गया है। गैस का लेबल भी अभी जांच करने पर जीरो पाया गया है। इस इलाके को बाईपास कर दिया गया है। यह घटना क्यों हुई, इसके नतीजे पर पहुंचने में अभी वक्त लगेगा। कंपनी की गतिविधियों की भी थ्रोयली जांच की जा रही है।
इस हादसे ने एक बड़ी चुनौती दी है उस कारण को खोजने की जो जानलेवा हादसे को न्यौता देने का कारण बना। इस घटना के कारण कंपनी के परिचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। फिलहाल सबकी कोशिश है कि स्थिति सामान्य बन सके और कारखाना अपने लय में वापसी कर सके। इधर कंपनी प्रबंधन ने अपने स्तर से भी इस घटना की असली वजह जानने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच कराने की बात कही है। ताकि उस जांच रिर्पोर्ट की फाईंडिंग पर वह अपने शून्य दुर्घटना लक्ष्य को तय कर भविष्य में ऐसी घटना की किसी भी प्रकार की संभावनाओं को टाल सके। 
