
उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित साह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर मानाहानि का मुकदमा झेल रहे देश के विपक्ष के नेता और कांग्रेस के कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। मानहानि के एक मामले में उन्हें बरी करते हुए कोर्ट ने बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करने के बाद सोमवार को उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर देने का फैसला सुनाया। ष्ह मामला 2018 का था। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ था। सहारनपुर के एमपी एमएलए कोर्ट की स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी करने का फैसला सुनाया। कोर्ट के इस निर्णय के बाद राहुल गांधी के समर्थकों ने खुशी जताई। साल 2018 में राहुल गांधी की टिप्पणी से नाराज भाजपा नेता विजय मिश्रा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 13 अक्टूबर 2026 को दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई थी। परिवादी पक्ष ने राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि टिप्पणी सद्भाव में की गई थी और किसी को अपमानित करने का इरादा नहीं था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हए कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने पाया कि दूसरा पक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आरोपों को साबित करने में विफल रहा। इसके आधार पर कोर्ट ने केस को खारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया। इस फैसले के बाद इस मामले के शिकायतकर्ता ने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

