



उड़ान न्यूज ब्यूरो
नयी दिल्ली। छोटे सरकार के नाम से चर्चित बाहुबली अनंत सिंह को एक बार फिर जेल की चहारदीवारी में जाने का हुक्म सुना दिया गया है। उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत से जगरदस्त झटका लगा है। फिलहाल मोकामा से विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटेे सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत रद्द कर एक दिसंबर तक न्यायालय में सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसी के साथ बिहार पुलिस को इस मामले की जांच चार महीने के अंदर पूरी करने का आदेश भी दिया है। यह फैसला दुलारचंद यादव की मौत के ठीक एक साल पूरे होने के दिन ही आया है। 30 अक्टूबर 2025 को जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की हिसंक झड़प में मौत हो गयी थी। वे बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा के तारतर गांव में आए थे, तभी हुई हिंसक झड़प में उनकी जाने चली गयी। उनके पैर में एंकल के पास गोली लगी थी, जो आर-पार हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह पर हत्या करने का आरोप लगा था। इस मामले में जेल में रहे अनंत सिंह को मार्च 2026 में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। इस जमानत को उचुनज्ञैती दी गयी थी। पीड़ित परिवार और राज्य सरकार की चुनौती पर सुनवाई करते हुए, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने हाई कोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगा दी और अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने को कहा। अब सुप्रीम कोर्ट के आंदेश के बाद खुली हवा में सांस ले रहे विधायक अनंत सिंह को जेल की चहारदीवारी के अंदर जाना तय हो गया है। कोर्ट ने उकनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से मना कर दिया और सरेंडर करने को कहा है। दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने हाईकोर्ट द्व़ारा दी गयी जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।


