

सीसीएल के खदानों से काले हीरे की खुलकर लूट, छापे की काररवाई में बड़ी मात्रा में अवैध कोयले की बरामदगी
वाह! वह ! सीआईएसएफ वाह! वाह।
अजय अश्क
बोकारो। काले हीरे की रक्षा में लगी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल पहले चोरों को पूरा अवसर दे रही है ताकि वे कोयला चुरा सके और फिर चोरों की चोरी पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरा लगाकर उनकी खोज करती है और धर पकड़कर अपनी पीठ थपथपनाने में लगी है। सीसीएल के बेरमो इलाके में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा ताबड़तोड़ की जा रही काररवाई और इसमें मिल रही सफलता पर पीठ थपथपाने के पीछे ही छुपी हुई है केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की नाकामी। सुरक्षा की चूक और उनकी सुरक्षा में सीसीएल के काले हीरे की सुरक्षा के महफूज रहने का सच भी। हाल के दिनों में सीआईएसएफ ने बेरमो कोयलांचल के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापे मारे और बड़ी मात्रा में अवैध तरीके से बटोर कर रखे गये या गाड़ियों पर लादकर ले जाए जा रहे कोयले को जब्त किया। अपनी खूब वाहवाही करायी और खुद जमकर पीठ थपथपायी कि उसने तीर मार लिए। बड़ी काररवाई से काले हीरे की रक्षा कर ली। सीसीएल को आर्थिक चपत लगा देने से बचा दिया। लेकिन उसके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि जब काले हीरे की सुरक्षा में फोर्स लगी हुई है। हर बिन्दु पर सीआईएसएफ की नजर है तो कोयले की चोरी हुई तो हुई कैसे। कोयला कोई आसमान से न तो टपका और ना ही बाहर से लाकर वहां डंप किया गया। कोयले को या तो सीसीएल की खदानों से चुराकर लाया गया या फिर अवैध तरीके से खुदाई कर कोयला तस्करों ने बटोर रखा था। जिस बड़े पैमाने पर कोयला जब्त हो रहा है, वह यह बतानेके लिए काफी है कि सीआईएसएफ जिस सुरक्षा व्यवस्था को अभेद बताकर काम कर रही है , उसकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा छेद है जिसका लाभ उठाकर कोयला तस्करों का बड़ा सिन्डीकेट सीसीएल को खोखला कर रहा है और सीआईएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था को धता बता कर बडे़े पैमाने पर कोयले की तस्करी कर रहा है। मतलब साफ है कि एक तरफ कोयला तस्करों का साम्राज्य चल रहा है और दूसरी ओर बड़ी काररवाई के नाम पर सीआईएसएफ कुछ कोयला पकड़कर क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखा रही है। पीठ थपथपा रही है और यह बताने का प्रयास कर रही है कि उसने सीसीएल को ऐसी सुरक्षा दी है कि कोयला की चोरी नामुमकीन हो गयी है। लेकिन अपनी पीठ थपथपाते समय वह यह भूल जाती है कि कोयला जिसे उसने बरामद किया, वह खदानों से निकल कर कोयला तस्करों के अडड़ा तक कैसे पहुंच गया। अब यह समझने में किसी को देर नहीं हो रही कि सीआईएसएफ ने सीसीएल को किस तरह से सुरक्षित किया है। और यह ‘सच’ भी सबके सामने है कि सीआईएसएफ की निगरानी में सीसीएल की कोयला खदानें कितनी सुरक्षित हैं। सवाल तो यह है कि सीसीएल की खदानों की अगर सुरक्षा पूरी मुस्तैदी से हो रही है तो वह कौन सा कारण है कि कोयला तस्कर खदान के अंदर से कोयला निकाल कर या चुराकर ला रहे है या अवैध तरीके से खदान खोद कर कोयले का अवैध उत्खनन व तस्करी कर रहे हैं। बहरहाल बड़ा सवाल यह है कि सीआईएसएफ बड़ी बड़ी काररवाई कर रही है। छापा मार रही है। एम एम डी आर एक्ट की मिली शक्ति का उपयोग कर रही है। कोयला चोरों के खिलाफ अपनी ताकत लगाकर अभियान चला रही है और खदानों को अपनी सुरक्षा भी दे रही है तो ‘चोरी’ से चोरी का कोयला निकल कैसे रहा है। कौन सी सुरक्षा चूक है,जिसने सीआईएसएफ को पंगु बनाकर कोयला तस्करो को काले हीरे की लूट की छूट दे रखी है। बहरहाल, सीआईएसएफ का एक्शन भी जारी है और बडे़ पैमाने पर कोयले की चोरी भी चल रही है। अब चर्चा जिसके बहाने सीआईएसएफ अपनी पीठ थपथपा रही है। कोयले की चोरी व तस्करी का एक बड़ा मामला बेरमो के चरक पनिया में सुरक्षा बलों की काररवाई से उगाजर हुआ है। यह काररवाई ड्रोन कैमरें और खोजी कुत्तों की मदद से की गयी और कोयले का बड़ा भंडार खोजने के बाद छापेमारी कर करीब 207.17 टन अवैध कोयला और 18 बाइक जब्त किया गया। वेदकारो माइंस के चरक पनिया गांव के नजदीक से 207 टन से अधिक मात्रा में भंडारित अवैध कोयला जब्त किया गया है। सीसीएल के बीएंडके एरिया अंतर्गत आनेवाले वेदकारो माइंस के समीप चरकपनिया गांव में सुरक्षा बलों को यह कामयाबी मिली और इसी के साथ खदानों की ‘सुरक्षा’ में उनकी नाकामी का भी प्रदर्शन हो गया।
ड्रोन निगरानी एवं खोजी कुत्तों की सहायता से चलाए गए अभियान के दौरान मौके से लगभग 207.17 टन अवैध रूप से भंडारित कोयला एवं 18 बाइक को जब्त किया गया और सीआईएसएफ ने इस उपलब्धि को यह बताने का प्रयास किया कि उसकी काररवाई से सीसीएल को आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। लेकिन सीआईएसएफ से लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि छापेमारी कर कोयला जब्त करते हुए वह इतनी इठला रही है तो उसे इस बात का अफसोस भी होना चाहिए कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था सीसीएल के खदानों को सुरक्षित करने में नाकाम है। कहनेवाले कह रहे हैं कि पाप तुम्हारी वजह से ही और अब पुण्य बटोरने की कोशिश कर पीठ थपथपाना अगर कोई सीखना चाहे तो सीआईएसएफ से सीख सकता है।
