0 मुुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन 
0 आरोप गठन की रोक याचिका एससी से खारिज
0 बड़गाईं जमीन केस में हेमंत सोरेन पर आरोप तय,
0 इस मामले में अब चलेगी ट्रायल
0 सीएम ने कहा हम निर्दोष हैं, आरोप निराधार
0 जमीन लेने में प्रभाव का इस्तेमाल को नकारा
रांची। एमपी एमएलए विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग के उस मामले में जो बड़गाईं अंचल के शांति नगर की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय हो गया है। इस आरोप गठन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में उपस्थित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने खिलाफ आरोप को नकारा,बेवुनियाद बताया। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने उनके खिलाफ लगे आरोप पढ़कर सुनाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे निर्दाेष हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। इस काररवाई के दौरान अदालत ने ईडी को गवाह पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। आरोप के गठन के बाद अब इस मामले मंे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गयी।
अदालत के विशेष न्यायाधीश ने आरोप बताते हुए कहा कि आपके खिलाफ आरोप है कि अपने पा्रभाव का उपयोग कर आपने वर्ष 2010 से 2024 के बीच बड़गाईं के शांति नगर स्थित 8.86 एकड़ जमीन हांसिल की। उक्त जमीन को वैध कराने के लिए दूसरे के नाम पर जमीन का हस्तांतरण कराया। जमीन बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद की मिलीभगत से हासिल की गई। जमीन पर बकैयत बोल बनाने की योजना के लिए साइट प्लान विनोद कुमार सिंह से तैयार कराया गया। जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी लिया गया था। मामला सामने आने के बाद राजकुमार पाहन के माध्यम से एसआर कोर्ट में जमीन वापसी का मुकदमा भी दाखिल कराया गया। आरोप सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सारे आरोप जो पढ़कर सुनाए गए हैं, वे निराधार हैं, मैं बिलकुल निर्दोष हैं। जज ने उनक इंकार के बाद कहा कि आपके खिलाफ आरोप तय कर दिया गया है। अब इस मामले में गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी। ईडी को गवाह पेश करने का निर्देश देकर इसकी सुनवाई की अगली तारीख 30 नवम्बर तय कर दी गयी।
