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आयोजन डांडिया का, जिसमें डांडिया छोड़कर सब कुछ, जमकर हंगामा भी

0 आयोजित डांडिया कार्यक्रम में जमकर उठे सवाल
0 डांडिया में गाया मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है।
0 राही रोशन के आयोजन में हंगामा।
0 टिकट लेकर आयी भीड़ उतर गयी हंगामे पर
0 कार्यक्रम कैंसिल हुआ और हंगामा मच गया।
0 तोड़फोड़, हंगामा, जमकर काटे बवाल
0 डांडिया के कार्यक्रमों में भटकने लगी डांडिया की आत्मा

उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो।जब आस्था पर आधुनिकता भारी पड़ जाए और जब धार्मिक पंरपरा और संस्कृति पर अपसंस्कृति हावी हो जाए और इस तरह के आयेाजन को मनोरंजन के तौर पर परोसा जाने लगे तो क्या हो सकता है। इसका नजारा बोकारो में दिखा। प्रशासन से इस बात की इजाजत ली गयी कि धार्मिक परंपरा व आस्था से जुडे़ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। इसमें पंरपरा और संस्कृति को कोई ठेस ना लगे इसका खास ख्याल रखा जायेगा और परंपरा को इस कार्यक्रम के जरिए पूरी श्ऱद्धा भक्ति से आगे बढ़ाया जायेगा। परंपरा और संस्कृति जीवित रहे इसका पूरा ख्याल होगा। इस तरह के भरोसा पर परमीशन मिला तो पंरपरा के नाम पर बाहर से बुलाए गए कलाकारों के जरिए ऐसे ऐसे कार्यक्रम व गीत प्रस्तुत किए गए, जिनका दूर दूर तक डांडिया से कोई मतलब नहीं था।

और अब जब कार्यक्रम में पूरी व्यवस्था ना हो। तो हंगामा का बरपना तय ही होता है। बोकारो में आयोजित किया गया था एक रोशन राही का कार्यक्रम। गाना क्या हुआ। हगामा बरप गया। कार्यक्रम बीच में ही रद्ध हो गया और कार्यक्रम में टि कट लेकर आयी भीड़ हंगामें पर उतर आयी और मचा रहा देर समय तक हंगामा। कार्यक्रम के लिए बनाए गए मंच पर पत्थर फेंके गये। बोतल फेंके गये। धक्कम धुक्की हुई। और एक कार्यक्रम आयोजकों की अराजकता व लापरवाहियों के कारण आमलोगों को निराश कर हंगामे की भेंट चढ़ गया। आप भी देखिए उड़ान लाईव पर कार्यक्रम का हंगामा और भीड़ का देखिए गुस्सा।

आयोजकों ने कई कार्यक्रम किए इस बार डांडिया के नाम पर। आमंत्रण पत्र छपवाया, हजारों रूप्ये वसूले उस आमंत्रण पत्र से प्रवेश के नाम पर। बड़े कलाकारों के नाम पर आधुनिकता मे जीनेवाली नयी पीढ़ी ने पैसे खर्च किए और अपने को डांडिया जैसे पवित्र सांस्कृतिक परंपरा के भटकते और उसकी खोती पवित्रता के बीच मनोंरजन लेने का हिस्सा बनाया। निश्चित तौर से डांडिया के नाम पर ऐसे कार्यक्रम पेश करनेवाले आयोजकों को इसकी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि अगर ऐसा ही होता रहा तो डांडिया जैसी परंपरा, धार्मिक आस्था से जुड़ी हमारी सांस्कृतिक धरोहर को दूषित होते देर नहीं लगेगी। बोकारो में इस बार डंाडिया के नाम पर आयोजित कई कार्यक्रम बता गये कि यह सिलसिला थमा नही ंतो डांडिया जैसी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के दिन लदते देर नहीं लगेगी और उसकी जगह पर आयोजित होनेवाले ऐसे कार्यक्रम डांडिया की आत्मा को भटकाने लगे हैं। और परंपरा के नाम पर हो रहा ऐसा आयोजन चिन्ता बढ़ाने लगे हैं।

Udan Live
Author: Udan Live

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