0 नशापान के लिए पैसे नहीं मिले तो मौत की घाट उतार दिया।
0 एक सप्ताह में बोकारो में इस तरह की दो वारदातें
0 माराफारी थाना व हरला थाना क्षेत्र की घटनाएं
0 दोनों की कांडों में अपराधियों की हुई गिरफतारीं
0 नये तरह के अपराध से बोकारो में दहशत
0 के अड्डों पर पुलिस अभियान की जरूरत
0 बोकारो में नशेड़ियों की वारदात से हडकंप


उड़ान न्यूज ब्यूरो
बोकारो। बोकारो में नशा के खिलाफ पुलिस के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन ना तो नशा का कारोबार थम रहा है और ना ही नशा की गिरफत में युवा पीढ़ी को जाने से रोका जाना संभव हो पा रहा है। अब तो इसके खतरनाक परिणाम सामने आने लगे हैं और नशा की गिरफत मे ंपूरी तरह आए युवक नशापान की लत के कारण आमलोगों की जान भी लेने लगे हैं। यह चिन्ताजनक स्थिति सबकी चिन्ता गहराने लगी है और लोगों की जान पर भारी पड़कर आमलोगों के लिए खौफ का कारण भी बनने लगी है। बोकारो में इस सप्ताह नशेड़ियों ने दो लोगों को मौत की घाट उतार दिया। मारे गये दोनों व्यक्ति का कसूर यह था कि उन्होंने नशाबाजों को नशापान के लिए पैसे देने से मना कर दिया। उन्होंने ऐसा करके आफत बुला ली। इसका अंजाम यह हुआ कि दोनों लोगों को काफी बेरहमी से मौत की घाट उतार दिया गया। इन घटनाओं ने पुलिस को अब एक बड़ी चुनौती दे दी है। हालंाकि दोनों घटनाओं में संलिप्त अपराधियों को पुलिस ने गिरफतार कर जेल भेज दिया है। लेकिन यह नयी तरह की बला पुलिस के लिए आफत बनने लगी है और आम लोगों को खौफ से भरने लगी है। ऐसी घटनाओं के बढ़ने से पुलिस की चिन्ता स्वाभाविक तौर से गहराने लगी है।
बोकारो में नशेबाज ने आज एक बुजुर्ग की जान ले ली। मामला हरला थाना क्षेत्र का है। हरला थाना क्षेत्र रहनेवाले 70 साल के भरत सिंह सुबह सबेरे टहलने निकले थे। इस क्रम में रास्ते में वे जैसे ही सरदार पटेल स्कूल के पास पहुंचे , वहां पहले से लाल कम्बल ओढ़े खड़ा पंकज साव उर्फ पंकज वर्मा ने नशा करने के लिए पैसे की मांग की। उन्होंने देने से मना कर दिया। यह मनाही उनकी मौत का कारण बन गयी। पंकज साव उर्फ पंकज वर्मा ने उनकी मोबाईल छीनने की कोशिश की और उन्होंने इसका प्रतिकार किया तो पंकज ने सड़क के किनारे पड़े पत्थर का प्रहार कर उनका काम तमाम कर दिया। मृतक के बेटे अशोक कुमार सिंह की शिकायत पर हरला थाना में हत्या का कांड दर्ज किया गया। इस मामले के प्राथमिकी अभियुक्त पंकज साव के विरुद्ध दर्ज कांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक, नगर, बोकारो राजीव रंजन के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। इस टीम में पु०नि० सह थाना प्रभारी, हरला, खुर्शीद आलम, पु०अ०नि० मनीष कुमार गुप्ता, मंटू कुमार,कुंदन कुमार, उपेन्द्र चौधरी ,हवलदार अशोक कुमार, आरक्षी योगेन्द्र कुमार रजक, प्रफुल कुमार मंडल, नरेश मंडल शामिल थे। इस टीम ने मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्य तथा सीसीटीवी फुटेज के अध्ययन के आधार पर प्राथमिकी अभियुक्त पंकज साव उर्फ पंकज वर्मा को गिरफतार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त पत्थर व अन्य सामनों को बतौर प्रदर्श जब्त कर लिया।


बोकारो में नशापान को लेकर हत्या की यह पहले घटना नहीं है। अभी हाल ही में एक दिहाड़ी मजदूर से भी इसी तरह से नशापान के लिए पैसे की मांग एक नशेड़ी ने की और जब नशेड़ी को पैसा नहीं मिला तो नाराज होकर नशेड़ी ने उसे पटक कर लात मुक्कों से े मार कर मौत की घाट उतार दिया था। इस कांड का भी पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है और घटनास्थल से अहम साक्ष्य बटोर कर इस कांड के एकमात्र अभियुक्तसूरज उर्फ भूरा को गिरफतार कर जेल भेज दिया है। यह घटना माराफारी थाना क्षेत्र के झोपड़ी कालोनी की है।
इन दोनों घटनाओं का उदभेदन घटना के चंद समय बाद ही पुलिस ने कर लिया है। आरोपी गिरफतार भी हो गये हैं लेकिन एक नये तरह का अपराध का जो स्वरूप सामने आया है, उसने सबके पैरों तले की जमीन खिसका दी है। नशा के लिए हत्या की घटना सचमुच चिन्ताजनक व गंभीर है। और ऐसी घटनाओं के लिए उस कारण को तलाशना होगा जो युवा पीढ़ी को नशे की गिरफत में लेकर उनके भटकाव का कारण बनने लगा हैं । पुलिस को ऐसी घटनाओं पर नकेल कसने के लिए गंभीर कदम उठाना होगा। केवल श्लोगन देकर की बोकारो पुलिस आपको चैन की नींद देने के लिए अपनी नींद हराम कर दिन रात एक की हुई है से काम नहीं चलेगा। ऐसी घटनाओं पर नकेल कसने के लिए जरूरी हो गया है कि नशे के जरिए मौत का कारोबार करनेवालों के अडड़ो को ध्वस्त किया जाए।


इनके संचालकों पर कठोर एक्शन लिया जाए और युवा पीढ़ी जो आसानी से ड्रग्स की सुलभता से इनका सेवन कर मदमसत हो रही है और इनके जाल में फंसकर भटकाव का शिकार बन रही है, उसे रोका जाए। इस पर प्रभावी रोक तभी संभव है जब ड्रग्स के कारोबारियों के उठते फन को कुचला जाए। इसके लिए खास अभियान एक साथ छेड़ा जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अपनी तबाही के साथ साथ नशे की गिरफत में फंसा इंसान ऐसी घटनाओं से अपनी हैवानियत दिखाता रहेगा और यह किसी भी हाल में ठीक नहीं होगा। ना तो अमन पसंद लोगों के लिए और ना ही विधि व्यवस्था के लिए। क्योंकि इस नये टाईप के अपराध ने सबको सकते में डाल दिया है।
