

बोकारो। इंडिया पोस्ट के सहयोग से एक विशेष राखी पहल का सेंट मैरीज़ नर्सरी स्कूल, में आयोजन किया गया। इस आयोजन में प्री नर्सरी, नर्सरी और प्रेप के छोटे छोटे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राखी के पवित्र पर्व को प्रेम, रचनात्मकता, कृतज्ञता और देशभक्ति की भावनाओं से जोड़ा।
बच्चों ने सुंदर हस्तनिर्मित राखियाँ तैयार कीं और उनके साथ स्नेह एवं शुभकामनाओं से भरे संदेश भी लिखे। विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के लिए भेजी गई राखियों के साथ बच्चों ने हृदयस्पर्शी संदेश लिखकर उनकी निस्वार्थ सेवा और देश की सुरक्षा के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने मासूम शब्दों में बच्चों ने सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की तथा उन्हें सेंट मैरीज़ नर्सरी स्कूल की स्वर्ण जयंती (50वीं वर्षगांठ) समारोह में शामिल होने के लिए स्नेहपूर्वक आमंत्रित भी किया।
कई बच्चों ने अपनी राखियाँ एवं संदेश भारत की माननीय राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री, भारतीय सशस्त्र बलों तथा बोकारो के उपायुक्त को भी भेजे।
विद्यालय परिसर में उपस्थित इंडिया पोस्ट की टीम ने बच्चों की राखियों को विधिवत स्वीकार कर पोस्ट किया। इस अवसर ने बच्चों को यह अनुभव कराया कि उनके छोटे-से प्रयास और भावनाएँ देश के महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं राष्ट्र की सेवा में समर्पित वीरों तक पहुँच सकती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रेव. फादर दिनु एम. डेनियल ने कहा, “राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे इस पर्व के माध्यम से यह समझें कि सच्चा प्रेम केवल अपने प्रियजनों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें समाज, राष्ट्र और उन सभी लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी शामिल है, जो हमारी सुरक्षा और सेवा के लिए समर्पित हैं। हमारे नन्हे बच्चों की यह छोटी-सी पहल यदि किसी के चेहरे पर मुस्कान और हृदय में अपनत्व की भावना जगाती है, तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता है।”
यह पहल विद्यालय की उस शैक्षिक सोच को दर्शाती है, जिसमें बच्चों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता, कृतज्ञता, रचनात्मकता, देशप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन-मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाता है।
विद्यालय ने इस सफल आयोजन के लिए इंडिया पोस्ट की टीम, अभिभावकों, शिक्षकों एवं नन्हे विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
नन्हे हाथों से बनी राखियाँ, बड़े दिलों से निकले संदेश प्रेम, कृतज्ञता और राष्ट्रभावना का यह सुंदर प्रयास विद्यालय की स्वर्ण जयंती वर्ष में एक यादगार पहल बन गया।
