

बोकारो। ईएसएल स्टील लिमिटेड ने सामाजिक पहल रन फॉर जीरो हंगर वॉकथान के साथ हर कदम जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के संकल्प के साथ बढ़ाया और अपनी इस अनोखी पहल से लोगों को फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया। इस अभियान से यह संदेश दिया गया कि हमारा हर कदम किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
वेदांता ग्रुप के इस अभियान के तहत आयोजित वॉकथॉन में 500 से अधिक कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों और प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और यह बताया कि सामाजिक सारोकार के प्रति अपनी समझ दिखाई। सामाजिकता का संकल्प दोहराया। वेदांता ग्रंप की कंपनी ईएसएल स्टील के इस आयोजन ने लोगों को जहां स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के प्रति सचेत किया, वहीं लोगों को फिटनेस का टिप्स भी दिया। इसके अलावा लोगों को उनके समाज के प्रति सामाजिक दायित्व का बोध भी कराया। इस जीरो हंगर वॉकथान के प्रति किलोमीटर तय दूरी एक जरूरतमंद के लिए भोजन की गारंटी के संकल्प लिए संपन्न हुआ। प्रतिभागियों द्वारा तय की गई हर एक किलोमीटर की दूरी के बदले हर एक जरूरतमंद व्यक्ति के लिए भोजन नंद घर और पशु देखभाल से जुड़ी पहलों के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत ईएसएल के सीईओ और पूर्णकालीन डायरेक्टर रविश शर्मा के संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वॉकथॉन केवल फिटनेस से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस आयोजन में हमारे कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य एक साथ आकर इस नेक पहल का हिस्सा बन रहे है।
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी और चास के सहायक पुलिस अधीक्षक वेदांत शंकर ने भी लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के प्रति प्रेरित किया। वॉकथॉन में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों, विभागाध्यक्षों, कर्मचारियों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नया मोड़ बिरसा चौक से शुरू हुआ वॉकथॉन का समापन लाल बहादुर शास्त्री चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।
इस आयोजन में कंपनी के सुरक्षा विभाग के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया और विजेता बनने का सौभाग्य पाया। इस आयोजन में युवा प्रतिभागियों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई और कंपनी के कर्मचारी प्रकाश कुमार सिंह के 15 वर्षीय बेटे ओम सिंह ने चौथा स्थान प्राप्त किया जबकि कर्मचारी पन्नालाल चौरसिया के 15 वर्षीय बेटे रूपेश चौरसिया ने छठा स्थान हासिल किया। इस वॉकथॉन में कर्मचारियों के साथ उनके परिवारों और युवाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।
